Ram Mandir Dhwajarohan: राम मंदिर के शिखर ध्वजारोहण का कार्यक्रम कल…जानें कितने किलो का है ये ध्वज और क्या है विशेषता- Video
Ram Mandir Dhwajarohan: उत्तर प्रदेश की अध्यात्म नगरी अयोध्या में कल यानी 25 नवम्बर को श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण कार्यक्रम की ऐतिहासिक और शुभ बेला है. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से ‘मंगल-स्वस्ति गान’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है जिसमें देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपने मंगलमय गायन से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर करेंगे. बता दें कि कल ही विवाह पंचमी है.
त्रेता युग में इसी दिन यानी मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह हुआ था. इसीलिए ध्वजारोहण के खास दिन के लिए विवाह पंचमी का दिन चुना गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर भगवा धर्म ध्वजारोहण करेंगे. तो वहीं कलाकार भजन, स्तोत्र-पाठ, श्रीरामचरितमानस के चयनित प्रसंगों का गायन तथा विभिन्न कालखंडों में श्रेष्ठ संतों द्वारा रचित मंगलकारी पदावलियों का सामूहिक वाचन और गायन की प्रस्तुति देंगे.
अपने नव्य, भव्य और दिव्य स्वरूप में प्रकटा श्री राम जन्मभूमि मंदिर
Shri Ram Janmabhoomi Mandir manifested in its new, grand, and divine form. pic.twitter.com/OL8tEzWM01
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) October 26, 2025
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि राम मंदिर के लिए, खास तौर पर तैयार किए गए इस 22 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े ध्वज के माध्यम से मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश दिया जाएगा. इस मंगल-स्वस्ति गान के समन्वयक अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत के जानकार यतीन्द्र मिश्र हैं.
श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर से कुछ छायाचित्र
Some images from Shri Ram Janmabhoomi Mandir complex pic.twitter.com/CXyX8FdS9b
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) November 24, 2025
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इस आयोजन की संपूर्ण परिकल्पना इस भाव से की गई है कि देश के विविध भागों के प्रमुख संतों द्वारा समय-समय पर गाई गई प्रमुख पदावलियाँ और रामकथा-गायन परंपरा का श्रेष्ठ सार इस शुभ बेला में एक ही मंच से ललित रूप में प्रस्तुत हो सके. इस भव्य मंगल-स्वस्ति गान के माध्यम से रामकथा की अखिल भारतीय परंपरा का सौंदर्य और उसका आध्यात्मिक प्रभाव एक ही स्थल पर अविस्मरणीय अनुभूति प्रदान करेगा.
जानें क्या है ध्वज की विशेषता?
बता दें कि डिफेंस मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस के मुताबिक, गुजरात में अहमदाबाद के एक पैराशूट स्पेशलिस्ट ने इस ध्वज का निर्माण किया है. ध्वज का वजन दो से तीन किलो के बीच है. यह ध्वज 161 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर और 42 फीट ऊंचे झंडे के पोल को देखते हुए तैयार किया गया है. पीएम मोदी सुबह 11.52 बजे से दोपहर 12.35 बजे के बीच शुभ मुहूर्त में ध्वजारोहण करेंगे.
9 नवम्बर को आया था ऐतिहासिक फैसला
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस में 9 नवंबर 2019 को ऐतिहासिक फैसला देते हुए राम मंदिर निर्माण की बात कही थी. सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से फैसला दिया कि विवादित 2.77 एकड़ भूमि पर राम मंदिर बनाया जाए. इसी के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर केंद्र सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाया और फिर मंदिर निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई थी. पहले फेज का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर का उद्घाटन किया था और इसी के बाद से मंदिर आम लोगों के दर्शन के लिए खोल दिया गया था. अब तक करोड़ों श्रद्धालु राम मंदिर में दर्शन कर चुके हैं.
5 अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया था. फिलहाल अब दूसरे तल पर राम दरबार के साथ ही कई और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हो चुकी हैं.
मंदिर का सप्त देवालय
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष पूज्य स्वामी गोविन्ददेव गिरी जी महाराज द्वारा सप्त देवालयों में दर्शन तथा तत्पश्चात मंदिर परिसर का निरीक्षण किया गया
Pujya Swami Govinddev Giri Ji Maharaj, the treasurer of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, had… pic.twitter.com/8KpjETx9PU
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) November 24, 2025
विवाह पंचमी की पूर्ण संख्या पर शिखर का अद्भुत दर्शन
विवाह पंचमी की पूर्व संध्या पर श्री सीतारामजी की अद्भुत छवि से दैदीप्यमान श्री रामजन्मभूमि मंदिर के दिव्य शिखर का दर्शन
On the eve of Vivah Panchami, behold the divine spire of the Mandir, glowing with the splendid image of Shri Sita Ram Sarkar pic.twitter.com/c9rGWphUQ0
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) November 24, 2025