Health Tips: एक ही तेल लगातार न करें इस्तेमाल…जानें देशी घी का सेहत पर क्या होता है असर?
Health Tips: हम अक्सर जिस तेल में पूड़ियां निकालते हैं, तो बच जाने पर उसी तेल को फिर से किसी न किसी तरह से इस्तेमाल करते हैं.जो कि हमारी सेहत के लिए नुकसान देय है. तो वहीं अक्सर लोग देशी घी के इस्तेमाल को लेकर भी मना करते हैं और कहते हैं कि इससे मोटापा बढ़ता है और अन्य शारीरिक समस्याएं भी आ जाती हैं लेकिन एक्सपर्ट घी को लेकर एक अलग राय देते हैं.
आइए इस लेख में तेल और घी के उपयोग की सही जानकारी हासिल करते हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर डा. अनुज कुमार (@dranuj_k-Craniofacial Surgeon ) ने एक पोस्ट शेयर करते हुए लोगों को तेल और घी के इस्तेमाल को लेकर जानकारी शेयर की है. वह बताते हैं कि तेल/घी की मात्रा हमें नियंत्रित रखनी चाहिए. एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन 4–5 चम्मच से अधिक तेल/घी का सेवन नहीं करना चाहिए.
एक ही तेल लगातार इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. वह ये भी कहते हैं कि अलग-अलग तेलों (सरसों, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी, ऑलिव ऑयल) को बदल बदलकर उपयोग करें. बार बार एक ही तेल को गर्म न करें. वह इसका नुकसान बताते हुए कहते हैं कि गरम करने से ट्रांस फैट और टॉक्सिन बनते हैं.
वह सलाह देते हैं कि डीप फ्राई से बचें क्योंकि यह भोजन को अधिक कैलोरी वाला और हानिकारक बना देता है. वह कहते हैं कि घी पूरी तरह हानिकारक नहीं है. नियंत्रित मात्रा (1–2 चम्मच प्रतिदिन) में देसी घी शरीर को ऊर्जा व वसा-घुलनशील विटामिन देता है. ये एक मिथक है की घी खाने से हमेशा मोटापा और दिल की बीमारी होती है. वह कहते हैं कि सच यह है कि संतुलित मात्रा में देसी घी लाभकारी हो सकता है.
ऑलिव ऑयल (Olive Oil) एक अच्छा विकल्प है लेकिन इसे डीप फ्राई में न करें. यह सलाद, हल्की सब्ज़ी और ड्रिज़लिंग के लिए बेहतर है सरसों का तेल (Kachi Ghani) में ओमेगा-3 फैटी एसिड है जो दिल और जोड़ों की सेहत के लिए अच्छा है. वह कहते हैं कि Erucic acid की वजह से कई देशों में इसके उपयोग को लेकर संशय है. कई देशों में इसे प्रतिबंधित भी किया गया है.
लेकिन भारत में यह पारंपरिक और सुरक्षित रूप से प्रयोग होता आया है. संतुलित मात्र में इसे उपयोग कर सकते हैं. घरेलू खाना पकाते समय कम आँच पर तेल का प्रयोग करें ज्यादा आँच पर तेल जलकर हानिकारक पदार्थ बनाता है.
वह सलाह देते हैं कि बाज़ार के तले-भुने स्नैक्स (समोसा, पकोड़ा, चिप्स) से बचें क्योंकि इनमें अक्सर बार-बार इस्तेमाल किया हुआ तेल होता है. तेल के साथ-साथ आहार में फल, सब्ज़ियाँ, दालें, और अनाज का संतुलन रखें. केवल तेल बदलने से ही स्वास्थ्य नहीं सुधरेगा. तेल/घी संतुलित मात्रा में लेने पर भी अगर शरीर एक्टिव नहीं है, तो वसा जमकर मोटापा और बीमारियाँ बढ़ाती है. इसीलिए Physical Activity काफ़ी ज़रूरी है.
खाने के तेल और घी का उपयोग:
तेल/घी की मात्रा नियंत्रित रखें।
एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन 4–5 चम्मच से अधिक तेल/घी का सेवन नहीं करना चाहिए।एक ही तेल लगातार न इस्तेमाल करें ।
अलग अलग तेलों (सरसों, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी, ऑलिव ऑयल) को बदल बदलकर उपयोग करें।बार बार एक ही तेल को…
— Dr Anuj Kumar (@dranuj_k) February 7, 2026
DISCLAIMER:यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल एक्सपर्ट की राय पर लिखा गया है. पाठक इस लेख से जुड़ी जानकारी को खुद पर लागू करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य ले लें.
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