अगर शरीर एक्टिव नहीं है, तो वसा जमकर मोटापा और बीमारियाँ बढ़ाती है. इसीलिए Physical Activity काफ़ी ज़रूरी है.
क्योंकि शरीर को लगातार गर्म बनाए रखना जरूरी है. धूप में बैठने के बाद अगर जरा भी ठंड लगे तो तुरंत कपड़े पहन लें.
रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर की एक ऐसी प्राकृतिक ढाल है जो हमें वायरस, बैक्टीरिया और अन्य रोगजनकों से सुरक्षा करती है.
बेहोशी या मानसिक भ्रम. इसमें व्यक्ति अचानक होश खो सकता है या समझना-बोलना बंद कर देता है.
यदि घर में कोई निमोनिया से संक्रमित है तो बच्चों को दूर रखें क्योंकि उसके खांसने और छींकने से वायरस या बैक्टीरिया सांस द्वारा फेफड़ों तक पहुंचकर स्वस्थ बच्चे या घर के अन्य सदस्य को संक्रमित कर सकते हैं.
दही खाने में न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है. गर्मी के मौसम में तो लोग प्रतिदिन ही दही खाना पसंद करते हैं.
ये तो हम जानते ही हैं कि जलेबी को बनाने के लिए मैदा का इस्तेमाल होता है और फिर इसे शक्कर यानी चीनी की चाशनी में डुबाया जाता है.
अगर आप पहले से स्मोकिंग करते हैं तो धीरे-धीरे इसे बंद करने का प्रयास करें.
इस साल मई में ही अधितकम तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया है. ऐसे में मौसम विभाग ने आने वाले नौतपा को लेकर कहा है कि इन दिनों में और भी भीषण गर्मी के आसार हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सैलून में कई तरह के इन्फेक्शन और बीमारियों का खतरा रहता है.