जनेऊ से चर्चा में आए स्टार खिलाड़ी सूरज कुमार चंद…देश को स्क्वैश में दिलाया पहला गोल्ड; जानें पवित्र धागे का महत्व-Video
Suraj Kumar Chand: सोशल मीडिया पर भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी सूरज कुमार चंद का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल उन्होंने भारत को स्क्वैश में पहला गोल्ड दिलाकर इतिहास रच दिया है. FISU वर्ल्ड यूनिवर्सिटी स्क्वैश चैंपियनशिप में उन्होने ये उपलब्धि हासिल की है लेकिन उनकी इस उपलब्धि की चर्चा उतनी नहीं हो रही है जितनी कि उनके जनेऊ की चर्चा हो रही है.
बता दें कि मुंबई के सोमैया विद्याविहार यूनिवर्सिटी में ये अतंरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेली गई जिसमें पुरुषों के रोमांचक फाइनल मुकाबले में सूरज ने हंगरी के बेनेडेक तकाच को बेहद कड़े संघर्ष के बाद 5-11, 11-8, 11-5, 6-11, 11-4 से हराकर इतिहास रच दिया.
दरअसल जैसे ही वह जीते उन्होंने अपनी टीशर्ट उतार कर दर्शकों की ओर फेंकी और जैसी ही उन्होंने टीशर्ट उतारी, तो उनके शरीर पर जनेऊ दिखा और इसी के बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.
Fact of the matter is that I have not seen more a beautiful video for a long time that gives goosebumps. Suraj Kumar Chand made us proud, made whole country proud. Another scintillating thing is him wearing a janeau in court pic.twitter.com/uXQlMbhCWX
— Ra_Bies 3.0 (@Ra_Bies) August 11, 2026
सूरज कुमार चंद मैच के वक्त पवित्र जनेऊ धारण किए हुए दिखाई दिए जो कि सनातन धर्म में 16 संस्कारों में एक माना जाता है. इस तरह से सूरज ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का मान बढ़ाने के साथ ही अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा पर गर्व को भी प्रदर्शित किया. उनकी चारो चरफ जमकर तारीफ हो रही है.
सूरज ने जनेऊ पहनकर ये दिखा दिया कि वह अपनी संस्कृति को बेहद अंदर से मानते हैं और अपनी संस्कृति की आस्था से वह बेहद गरहाई से जुड़े हुए हैं. इस आधुनिक खेल जगत में भी वह अपनी संस्कृति को नहीं भूले और टी-शर्ट उतारने में भी उन्होंने ये सोचकर शर्म महसूस नहीं की कि उनका जनेऊ दिख जाएगा. फिलहाल उनकी सफलता के बाद जनेऊ जैसे पवित्र धागे ने लाखों खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया है.
सूरज के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स तरह-तरह के कॉमेंट कर रहे हैं. कोई इसे भारतीय संस्कृति को लेकर गौरव का पल बता रहा है तो किसी ने सूरज के धार्मिक होने पर बधाई दी है और कहा है कि सूरज ने प्राउड फील कराया है.
गले में जनेऊ, हाथ में रैकेट और दिल में भारत—यही है नए भारत की पहचान! 🇮🇳
सूरज कुमार चंद ने FISU World University Squash Championship में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया है। उनकी जीत इसलिए भी प्रेरणादायी है कि आधुनिक खेलों की दुनिया में रहते हुए भी उन्होंने अपनी सनातन पहचान को… pic.twitter.com/GiatmdrOWg
— विनोद बंसल Vinod Bansal বিনোদ বনসল వినోద్ బన్సాల్ (@vinod_bansal) August 13, 2026
जनेऊ का सनातन धर्म में महत्व
सनातन धर्म में जनेऊ (यज्ञोपवीत) को जो धारण करता है उसे कई नियमों का पालन भी करना पड़ता है. यह केवल एक धागा नहीं, बल्कि सोलह संस्कारों में से एक बेहद महत्वपूर्ण संस्कार है. जनेऊ व्यक्ति के अनुशासन, अच्छे आचरण और धार्मिक कर्तव्यों का बोध कराता है।
जनेऊ के अगर धार्मिक और अध्यात्मिक महत्व की बात करें तो यह मुख्य तीन सूत्र ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिमूर्ति) का प्रतीक हैं। साथ ही ये तीन ऋण यानी देव ऋण, पितृ ऋण और ऋषि ऋण की भी हमेशा याद दिलाता है. इससे सदाचार की प्रेरणा भी मिलती है. इसके नौ तार शरीर के नौ छिद्रों (मुख, आंख, कान आदि) से पवित्र कर्म करने का संदेश देते हैं।
तो वहीं इसमें लगी पांच गांठें ब्रह्म, धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के साथ ही पांच ज्ञानेंद्रियों की प्रतीक मानी गई हैं. जनेऊ को बाएं कंधे के ऊपर और दाईं भुजा के नीचे पहना जाता है.
Congratulations to Suraj Kumar Chand for winning FISU university Squash Championship.
Too happy to see young Indian boys holding up to values, traditions and customs.
Proud Janeudhari pic.twitter.com/mFdruzB6qU
— Anshul (@anshul_aliganj) August 11, 2026