नजर अंदाज न करें ये लक्षण…हो सकता है स्तन कैंसर
Shakuntala University: डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में स्तन कैंसर जागरूकता रैली निकाली गई। मंगलवार को आयोजित रैली में महिलाओं को संदेश दिया गया कि स्तन में गांठ, आकार में बदलाव या निप्पल से असामान्य स्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें. समय पर जांच और उपचार से स्तन कैंसर के बेहतर प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
विश्वविद्यालय के प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स विभाग की ओर से आयोजित रैली में विद्यार्थियों ने लोगों को स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों, जोखिम कारकों और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के महत्व की जानकारी दी। अक्टूबर को दुनिया भर में स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान शुरुआती पहचान और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
रैली में बैचलर और मास्टर इन प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स साइंस के विद्यार्थियों के साथ विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने संवाद और जागरूकता संदेशों के जरिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति आचार्य संजय सिंह के निर्देशन में हुए कार्यक्रम का समन्वय पैरामेडिकल एवं रिहैबिलिटेशन साइंसेज संकाय के अधिष्ठाता प्रो. वीके सिंह, कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र के कार्यशाला प्रबंधक डॉ. रणजीत कुमार, सहायक आचार्य संत प्रकाश गौतम, गार्गी खरे, स्थिर प्रज्ञान बिस्वाल और कुमारपाल सिंह ने किया। इसमें डेमोंस्ट्रेटर अनुप्रिया त्रिपाठी, राजकमल, तेजस कुमार सिंह और मुस्कान ने भी सहयोग किया।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य लोगों को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक करना और लक्षण दिखने पर बिना देरी चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करना रहा।
दूर करें बीमारी से जुड़े भ्रम
कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता और शुरुआती लक्षणों की पहचान बेहद जरूरी है। लोगों को इस बीमारी से जुड़े भ्रम दूर कर समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए आगे आना चाहिए। जागरूकता ही समय रहते सही कदम उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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