Dhanteras-2026: धनतेरस पर घर के अंदर और बाहर जलाएं इतने दीए…जानें पूजा का शुभ मूहूर्त

November 5, 2026 by No Comments

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Dhanteras-2026: हिंदू समाज में कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। बता दें कि दीवाली का पांच दिवसीय उत्सव धनतेरस से शुरू हो जाता है. मान्यता है कि धनतेरस की रात में 13 कौड़ियों को गाड़ने से धन लाभ होता है.आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि धनतेरस पर घर के अंदर और बाहर 13-13 दीपक जलाने से नकारात्मक शक्ति का नाश होता है. इसलिए इस रात घर में कोने-कोने में 13-13 दीपक जलाएं.

तो वहीं ज्योतिषाचार्य कमलकांत कुलकर्णी बताते हैं कि धनतेरस पर माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा कर सकते हैं. धनतेरस पर शाम को 13 दीपक जलाकर भगवान कुबेर की पूजा करें साथ ही “यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये धन-धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा” मंत्र का जाप करें.

माता लक्ष्मी को ऐसे करें प्रसन्न

धनतेरस पर मां लक्ष्मी की पूजा में लौंग अर्पित करें और सफेद वस्तुएं जैसे दूध, चावल या कपड़े दान करें. मान्यता है कि ऐसा करने से धन की कमी नहीं होती. मान्यता है कि इस दिन अगर किन्नर को दान दें या फिर उनसे सिक्का मांगें तो ये भी शुभ होता है और माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.

मान्यता है कि किसी पेड़ की टहनी लाकर घर में रखने और मंदिर में पौधा लगाने से भी घर-परिवार में समृद्धि आती है और सफलता मिलती है।

दक्षिणावर्ती शंख में जल छिड़कने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है.

धनतेरस (6 नवम्बर) पूजन समय

दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक
शाम को 4 बजकर 30 मिनट से लेकर 5 बजकर 45 मिनट कर
रात में 8 बजकर 59 मिनट से लेकर 10 बजकर 35 मिनट तक

यमराज को समर्पित जलाएं दीप

आचार्य बताते हैं कि धनतेरस के दिन शाम को यम दीपम जलाने की परंपरा है. इसलिए त्रयोदशी तिथि को घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में एक दीपक जलाएं। यह दीपक यमराज को समर्पित होता है. मान्यता है कि इससे यमदेव प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से रक्षा करते हैं। इस दीपक को जलाते समय दीर्घायु और सुरक्षा की प्रार्थना करनी चाहिए.

DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)

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