साधक भगवान शिव का ध्यान करते हुए केवल इस स्तोत्र का ही श्रद्धापूर्वक पाठ करे, तो वह भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकता है.

घर में बना पंचामृत हो या पीली बर्फी, श्री हरि को सभी का भोग लगा सकते हैं लेकिन तुलसी दल डालना न भूलें. इस दिन किसी भी अन्न का भोग नहीं लगाना चाहिए.