पारण के बाद नीबू, चीनी का घोल पिया जाए तो जो 24 घंटे तक निर्जला व्रत रखने का असर शरीर पर दिखाई नहीं देता.
इन जीवों को दिया गया अन्न सीधे पितरों तक पहुंचता है और उनकी आत्मा को शांति प्रदान करता है जो कि पीढ़ियों के लिए फलदायी होता है.
ऐसा करने से भगवान शंकर और माता पार्वती की कृपा हमेशा बनी रहती है.
अनंत सूत्र हाथ में बांधते समय ध्यान रखना चाहिए कि पुरुष दाहिने और महिलाओं को अपने बाएं हाथ में इसे बांधना चाहिए।
ताकि कोई किसी भी समाज की बहन-बेटियों के साथ गलत न कर सके.
इस जन्म में रानी का नाम ईश्वरी और ब्राह्मणी का नाम भूषणा था.
डोरा अर्पित करते वक्त शिवजी से निवेदन करना चाहिए, हे प्रभु इस कुलवर्धनकारी डोरे को ग्रहण कीजिए।
तुम्हें मैं एक घने जंगल में ले चलती हूं जहां पर साधना स्थली भी हो और तुम्हारे पिता तुम्हें ढूंढ न सकें. मुझे पूरा भरोसा है कि भगवान तुम्हारी मदद करेंगे.
हे भोले बाबा जैसे आपने माता पार्वती की इच्छा पूरी की वैसे ही सभी व्रती महिलाओं और कुंवारियों की इच्छा भी पूरी करना. जय भोले बाबा, जय माता पार्वती, जय हरतालिका व्रत.