पारण के बाद नीबू, चीनी का घोल पिया जाए तो जो 24 घंटे तक निर्जला व्रत रखने का असर शरीर पर दिखाई नहीं देता.

इन जीवों को दिया गया अन्न सीधे पितरों तक पहुंचता है और उनकी आत्मा को शांति प्रदान करता है जो कि पीढ़ियों के लिए फलदायी होता है.

तुम्हें मैं एक घने जंगल में ले चलती हूं जहां पर साधना स्थली भी हो और तुम्हारे पिता तुम्हें ढूंढ न सकें. मुझे पूरा भरोसा है कि भगवान तुम्हारी मदद करेंगे.

हे भोले बाबा जैसे आपने माता पार्वती की इच्छा पूरी की वैसे ही सभी व्रती महिलाओं और कुंवारियों की इच्छा भी पूरी करना. जय भोले बाबा, जय माता पार्वती, जय हरतालिका व्रत.