Hindu Dharma: बहुत अधिक उपवास न रखें सुहागिनें…जानें क्या कहते हैं पुराण?
Hindu Dharma: सनातन धर्म में सौभाग्यवती स्त्रियां व सुहागिनें अपने पति-बेटे और घर-परिवार की सुख-समृद्धि के लिए साल भर में पड़ने वाले तमाम व्रत और उपवास रखती हैं। वट सावित्री व्रत से लेकर करवा चौथ और न जाने क्या-क्या, लेकिन सनातन धर्म के शास्त्र और पुराण कहते हैं कि सौभाग्यवती स्त्रियों को ज्यादा व्रत नहीं रखना चाहिए।
हालांकि पति व बेटे से सम्बंधित व्रतों को करना चाहिए। इस सम्बंध में आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनों को चाहिए कि वह सूर्यास्त के समय अपना सिर ढ़क के रखें और कोशिश करें कि ज्यादा उपवास न करें।
वहीं एक धार्मिक पुस्तक में जानकारी मिलती है कि अगर सुहागिनों को व्रत करना है तो वह अपने पति से पूछकर ही कोई व्रत रखें। अर्थात पति की आज्ञा से ही पत्नी को व्रत करना चाहिए। ऐसा करने से पति की आयु लम्बी होती है। वहीं यह भी कहा गया है कि अगर पत्नी ऐसा नहीं करती तो वह नरक को प्राप्त होती है। इसलिए कोशिश करें कि बहुत अधिक व्रत न करें और जो भी व्रत करें उसके बारे में अपने पति से जरूर परामर्श ले लें.
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)