Dhanteras-2022: इस बार धनतेरस पर बना सर्वार्थसिद्धि योग, न्याय के देवता शनि भी हो रहे हैं मार्गी, इन 4 चीजों का करें दान, साल भर लक्ष्मी जी रहेंगी प्रसन्न, इस मंत्र का करें जाप

October 17, 2022 by No Comments

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धनतेरस स्पेशल। इस साल धनतेरस का त्योहार 22 अक्टूबर, दिन शनिवार को पड़ रहा है। धनतेरस पर माता लक्ष्मी के साथ ही भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की पूजा करने की मान्यता है। इसी के साथ बता दें कि इस बार धनतेरस का पर्व सनातन धर्म को मानने वालों के लिए खास बन पड़ा है। क्योंकि इसी दिन न्याय के देवता शनि मार्गी हो रहे तो इसी दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है। चूंकि शनिवार को स्थिर दिन कहा गया है और संयोग से इसी दिन धनतेरस भी पड़ रहा है। इसलिए इस दिन जो भी कार्य करेंगे, वो स्थिर रहेगा।

मान्यता है कि इस दिन गहने, कपड़े और झाड़ू खरीदना शुभ रहता है। इससे माता लक्ष्मी की घर में वास होता है। आचार्य पं. रवि शास्त्री बताते हैं कि धनतेरस के दिन श्रीयंत्र, चांदी या पीतल का बर्तन, सोना-चांदी, लक्ष्मी और गणेश जी के चित्र वाला सिक्का, स्टिल के बर्तन, झाडू, चांदी के बर्तन आदि खरीदने से साल भर घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। धनतेरस के दिन जहां विधि-विधान से भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा की जाती है। वहीं इस दिन दान-पुण्य करने से भी विशेष लाभ मिलता, तो आइए देखें कि धनतेरस के दिन किन चीजों का दान करने से घर में धन धान्य की कमी नहीं रहेगी।

नारियल
सनातन धर्म में नारियल को शुभ माना गया है। इसलिए धनतेरस के दिन इसे दान कर सकते हैं।

मिठाई
धनतेरस के मौके पर मिठाई का दान करना चाहिए।

कपड़े
इस दिन कपड़े का दान करें। किसी जरूरतमंद को कपड़े देकर आप उनकी दिवाली तो रोशन करेंगे ही साथ ही अपने लिए पुण्य भी कमाएंगे। मान्यता है कि गरीबों का भला करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसलिए आप चाहे तो दिवाली से पहले धनतेरस पर कपड़े दान कर सकते हैं।

गरीबों को अन्न दान करें
धनतेरस के दिन किसी गरीब को अन्न दान करें। आप चाहे तो उन्हें भोजन भी करा सकते हैं। साथ ही भोजन कराने के बाद उन्हें दक्षिणा जरूर दें।

धनतेरस के पूजा के समय इन मंत्रों का करें जाप
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
अमृत कलश हस्ताय सर्वभय विनाशाय सर्व रोग निवारणाय
त्रिलोकपथाय त्रिलोक नाथाय श्री महाविष्णु स्वरूप
श्री धन्वंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥


DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)