महाराष्ट्र के वीण में कथा के दौरान चित्रगुप्त भगवान के साथ ही भगवान यमराज को लेकर की कथित अमर्यादित टिप्पणी की जिसके बाद से कायस्थ समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है.

टूटी हुई वस्तुएं असफलता और दुर्भाग्य को आकर्षित करती हैं। इसलिए दिवाली पर इसका भी दान न करें।

इस पर भगवान ने किसान से कहाकि इन्हें कौन जाने देता है. लेकिन ये तो चंचला हैं, कहीं ठहरती ही नहीं है. इनको बड़े-बड़े नहीं रोक सके. इनको मेरा श्राप था.

Bhai Dooj Katha: कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन भैया दूज (भाई दूज) का त्योहार सनातन धर्म में मनाया जाता है.…