Agniveer News: नासिक मिलिट्री कैंप में हुआ भीषण धमाका, दो अग्निवीरों की मौत; जानें कैसे हुआ ब्लास्ट?

October 11, 2024 by No Comments

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Agniveer News: इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. नासिक आर्टिलरी सेंटर में एक दुखद घटना में दो अग्निवीरों की मौत हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नियमित प्रशिक्षण सत्र के दौरान विस्फोट होने के बाद दो अग्निवीरों की जान चली गई है. यह दुर्घटना लाइव-फायर आर्टिलरी अभ्यास के दौरान हुई है. अधिकारियों ने विस्फोट के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विस्फोट उस वक्त हुआ जब सैनिक तोपखाने से फायरिंग की ट्रेनिंग ले रहे थे. इसी दौरान ब्लास्ट हुआ और दोनों अग्निवीर गंभीर रूप से घायल हो गए. मिली जानकारी के मुताबिक, फायर फाइटर्स को नासिक के आर्टिलरी सेंटर में ट्रेनिंग दी जाती है. कल दोपहर अग्निशमन कर्मी आर्टिलरी सेंटर में अभ्यास कर रहे थे. इसी दौरान फायरिंग करते समय अचानक विस्फोट हो गया. इससे तोपखाना केंद्र में अफरा-तफरी मच गई. तो वहीं घायल दोनों अग्निवीरों को बचाने के लिए तुरंत पूरी कोशिश की गई लेकिन वह ब्लास्ट के दौरान बुरी तरह से घायल हो गए थे. यही वजह रही कि उन्होंने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया. इस घटना से पूरे तोपखाने केंद्र के साथ ही देश में भी शोक की लहर दौड़ गई है.

शहीद का दर्जा देने की मांग

इस घटना को लेकर एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है और दुख प्रकट किया है. उन्होंने कहा है कि “नासिक के एक तोपखाने केंद्र में प्रशिक्षण के दौरान हुए विस्फोट में दो अग्निवीरों की मौत हो गई. ये घटना बेहद दुखद है. इन दोनों जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि. हम सभी दोनों जवानों के परिवारों के दुःख में शामिल हैं. रक्षा मंत्रालय को चाहिए कि वह इन दोनों जवानों को शहीद का दर्जा दे और उनके परिवारों को इसका लाभ दे.”

गौरतलब है कि भारत सरकार की ओर से अग्निपथ योजना शुरू की गई है. इसके तहत सशस्त्र बलों में सेवा करने के इच्छुक युवा पुरुषों और महिलाओं को अल्पकालिक सैन्य रोजगार के अवसर देती है. मालूम हो कि दोनों मृतक इसी का हिस्सा थे.

2023 में हुई थी ये घटना

मालूम हो कि मोदी सरकार ने जबसे अग्निवीर योजना लांच की है तभी से कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि इसमें शामिल होने वाले जवानों के निधन पर शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा और न ही सेना के जवानों की तरह कोई सुविधा व सम्मान मिलेगा. हलांकि एक मामला 23 अक्टूबर 2023 को सामने आया था, जिसमें सियाचिन ग्लेशियर में तैनात अक्षय नाम के अग्निवीर की मौत हो गई थी. इसके बाद अक्षय को शहीद की तरह ही सम्मान दिया गया था और उनके परिजनों को पूरे 4 साल की सेवा अवधि की सैलरी देने की भी घोषणा की गई थी. तो वहीं अग्निवीर अगर किसी वजह से विकलांग हो जाते हैं तो उनको भी मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है.

4 साल के लिए युवाओं की होती है कान्ट्रैक्ट भर्ती

बता दें कि ये योजना 2022 में लाई गई थी. इसके तहत आर्मी, नेवी और एयर फोर्स में 4 साल के लिए युवाओं की कॉन्‍ट्रैक्‍ट पर भर्ती की जाती है। यह भर्ती ऑफिसर रैंक के नीचे के सैनिकों की होती है। भर्ती होने पर पहले छह महीने की ट्रेनिंग दी जाती है। उसके बाद जवानों (अग्निवीरों) की तैनाती की जाती है. चार साल बाद कार्य क्षमता के आधार पर रेटिंग देखकर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और इसी के आधार पर 25 फीसदी अग्निवीरों को सेना में परमानेंट कर दिया जाता है। तो वहीं शेष बचे रह गए जवान वापस आकर कोई और नौकरी या फिर कारोबार कर सकते हैं। मालूम हो कि अग्निवीरों को 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद 12वीं के समकक्ष सर्टिफिकेट भी देने का प्रावधान रखा गया है.

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