Bharat Jodo Yatra: भयानक ठंड में भी बिना स्वेटर के राहुल गांधी की तरह ही चाहते हैं रहना, तो करें ये उपाय, देखें क्या बोले चिकित्सक, जानें सर्दी लगने व न लगने की बड़ी वजह, वीडियो
भयानक ठंड में जहां लोग एक-दो नहीं तीन-चार स्वेटर, जैकेट, इनर,शॉल, कम्बल सहित न जाने क्या-क्या पहन-ओढ़कर बाहर निकल रहे हैं तो वहीं भारत जोड़ो यात्रा लेकर देश भ्रमण पर निकले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को जरा भी ठंड नहीं लग रही है और वह मात्र एक टी-शर्ट में ही देश भर में यात्रा कर रहे हैं, ठीक उसी तरह, जिस तरह वह गर्मी में यात्रा कर रहे थे।
ये तो सभी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में इन दिनों जमकर शीतलहर चल रही है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पारा लुढ़क कर 6 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है, लेकिन राहुल गांधी लगातार बिना किसी स्वेटर-जैकेट पहने यात्रा कर रहे हैं। ये सब देखकर लोग हैरान और अचरज में हैं और लोग सवार कर रहे हैं कि आखिर राहुल गांधी को ठंड क्यों नहीं लग रही है? अगर चिकित्सकों की मानें तो ऐसा आपके साथ भी हो सकता है। बशर्ते आपको कुछ नियमों का पालन करना होगा और अपने खान-पान में सुधार करना होगा।
देखें क्या बताया चिकित्सकों ने
एक दैनिक अखबार को दिए साक्षात्कार में SGPGI के इंडोक्राइनोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रो. डा. रोहित सिन्हा ने बताया कि सर्दी में अधिक समय तक बाहर रहने वालों की त्वचा की सहनशीलता बढ़ जाती है। इसी के साथ अगर वे लगातार शारीरिक मेहनत कर रहे हैं तो उससे पैदा आंतरिक गर्मी में भी बाहर की सर्दी का असर कम हो जाता है। रोजाना फिजिकल एक्टिविटी करने वालों का मेटाबॉलिज्म अच्छा होता है और ठंड का अहसास नहीं होने देता।
बता दें कि यात्रा के दौरान राहुल गांधी प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चल रहे हैं और पिछले कई महीनों से वह ऐसा करते आ रहे हैं। इसी के साथ मेडिकल क्षेत्र के जुड़े विशेषज्ञ ये भी बताते हैं कि जेनेटिक कारणों से भी ठंड नहीं लगती। बताया जाता है कि जिन लोगों के मसल फाइबर में अल्फा एक्टिनिन-3 नाम का प्रोटीन कम होता है। उन लोगों में सर्दी को सहन करने की क्षमता अन्य लोगों से बेहतर होती है। इसकी एक बड़ी वजह ब्राउन फैट सेल भी होती है, जिससे यूसीपी 1 सेल प्रोटीन जारी करता है और सर्दी का एहसास नहीं होने देता।
ब्राउन फैट बढ़ाने के लिए देखें चिकित्सक क्या देते हैं सलाह
KGMU के इम्युनोलॉजिस्ट डा. दिग्विजय ने मीडियो को जानकारी दी कि भारतीय मसाले, हल्दी, शहतूत, अंगूर, मिर्ची, मूंगफली, ग्रीनटी, ओमेगा 3 फैटी एसिड सप्लीमेंट को ब्राउन फैट का अच्छा स्रोत माना गया है। इसी के साथ उन्होंने ये भी जानकारी दी कि अगर आप निरंतर व्यायाम करते हैं तो व्हाइट फैट कुछ देर में ब्राउन फैट में बदल जाता है। यही वजह है कि कूदने, दौड़ने या फिर तेजी से पैदल चलने या मेहनत वाला कोई भी काम करने से भी सर्दी का असर कम हो जाता है।
सर्दी से बचाती है ब्राउन सेल
डा. दिग्विजय ने मीडिया को आगे जानकारी दी कि शरीर में जमी ब्राउन सेल हमें ठंड से बचाने में सहायक होती है। वह बताते हैं कि जब हम सर्दी महसूस करते हैं तो इम्युनोलॉजिकल बदलाव होते हैं। इनमें से कई जींस इम्यून सिस्टम की प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी प्रभाव डालते हैं। इससे ब्राउन फैट शरीर में गर्मी पैदा करता है। इसकी वजह से शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकलती। इन्हें मेडिकल साइंस की भाषा में सेल का पावर हाउस भी कहा जाता है।
जानें किस वजह से अधिक सताती है सर्दी और कब नहीं सताती
इस सम्बंध में डा. रोहित सिन्हा बताते हैं कि ज्यादा ठंड उन्हीं लोगों को लगती है, जिनमें आयरन की कमी होती है। एनीमिया में रक्त संचार प्रभावित होता है। हाइपोथायराइड और मधुमेह पीड़ितों को भी ठंड अधिक लगती है। इसकी एक बड़ी वजह कम खाने का विकार भी है। इसमें भी सर्दी अधिक लगती है। डा. सिन्हा बताते हैं कि हमारी त्वचा के नीचे थर्मोरिसेप्टर नर्व्स होती है। बता दें कि सर्दी या गर्मी को महसूस करने का हमारे नर्व्स सिस्टम का प्रमुख रोल होता है। ऐसे में अगर नर्व पाथवे अर्थात नसों का वो रास्ता जिससे ब्रेन को सिग्नल जाता है, उसमें कोई डैमेज हो जाए या दिमाग में कोई चोट हो या ब्रेन स्ट्रोक हो जाए, तो ऐसी स्थिति में सर्दी या फिर गर्मी का अहसास नहीं होता है।
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