अब नेपाल ही भागना होगा…एनकाउंटर को लेकर CM सम्राट चौधरी ने दिया बड़ा बयान-Video
Samrat Chaudhary: सोशल मीडिया पर बिहार के सीएम सम्राट चौधरी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह एनकाउंटर पर बयान देते नजर आ रहे हैं. उनका यह वीडियो उस वक्त सामने आय़ा है जब बिहार में समाजसेवक भरत तिवारी को गलत तरीके से पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. इसके बाद पूरे देश में पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है.
इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है और आगे की जांच जारी है. तो वहीं सम्राट चौधरी वायरल वीडियो में कहते दिख रहे हैं कि जो अपराधी है उसको तो बिहार छोड़ना होगा. अब तो नेपाल ही भागना पड़ेगा. एक तरफ उत्तर प्रदेश में योगी बाबा हैं, बंगाल में सुवेंदु दादा हैं और यहां सम्राट चौधरी बैठ गया है और कानून के साथ कोई खिलवाड़ नहीं. इससे पहले वह कहते हैं कि कल मैने देखा एक वीडियो और चिंतित था कि मेरी पुलिस को कोई हथियार दिखा रहा है और हमारी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है. वह मानसिक रोगी है और उसका इलाज कराना है.
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स सम्राट चौधरी पर निशाना साध रहे हैं और भरत तिवारी के केस में पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. बता दें कि भरत तिवारी बिहार के भोजपुर के जवनिया गांव के दलितों के रहने की समुचित व्यवस्था की मांग लगातार कर रहा था. उसकी मांग जब पूरी नहीं हुई तब उसने उस वक्त हथियार उठा लिया जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की. इस दौरान शासन से लेकर प्रशासन तक उसे मानसिक विक्षिप्त घोषित करने में लग गए और फिर पुलिस से सामने जैसे ही उसने हथियार डाला और सरेंडर किया पुलिस ने उसे चार गोली मारी जिससे अस्पताल जाते ही उसकी मौत हो गई. इस घटना से गांव सहित सोशल मीडिया पर भी लोगों में रोष है.
तो वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बिहार के भोजपुर गांव से लेकर सोशल मीडिया पुलिस विभाग की कई बैठकों के साथ ही पब्लिक मीटिंग में भी सम्राट चौधरी ने कहा है कि “बिहार में कानून से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता. जो कोई भी पुलिस को चैलेंज करेगा, उसे 48 घंटे में जवाब मिलेगा.”
तेजस्वी यादव ने कही ये बात
तो वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि राज्य में जाति को देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं. यह बयान 19 मई को तेजस्वी ने दिया था. साथ ही तेजस्वी ने आरोप लगाया था कि सरकार महिला सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है.
22 पुलिस एनकाउंटर में मारे गए 6 अपराधी
तो वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने 23 मई को दिए एक बयान में कहा था कि 20 नवंबर 2025 से लेकर अब तक राज्य में 22 पुलिस एनकांउटर किए गए हैं जिसमें से 6 अपराधी मारे गए. इनमें प्रियांशु दुबे, कुंदन ठाकुर, अभिजीत कुशवाहा, दयानंद मालाकार, रामधनी यादव और सोनू यादव को मारा गया जो कि अलग-अलग जातियों के हैं. इसलिए तेजस्वी यादव जो कह रहे हैं कि किसी ख़ास जाति का एनकांउटर हो रहा है वो बिल्कुल गलत बात है.
हालांकि भरत तिवारी के मामला अलग है क्योंकि भरत का न कोई आपराधिक रिकॉर्ड है और न ही कोई दुश्मनी. उसने पिस्टल उठाई तो शासन-प्रशासन को समस्या की ओर ध्यान दिलाने के लिए, वो भी तब जब उसे नहीं सुना गया. उसे मजबूर किया गया. उसने किसी पर कोई गोली नहीं चलाई. उसने पुलिस के सामने पिस्टल फेंक दी थी तो उसका एनकाउंटर क्यों किया गया? ये एक बड़ा सवाल है और इस मामले में पुलिस का बयान संदिग्ध है.
सभी न्यायालय को बंद कर देना चाहिए
सारे हत्यारे और रेपिस्ट का सीधा encounter कर देना चाहिए
भरत तिवारी अपराधी तो नहीं था उसका पिता मानसिक रूप से बीमार बेटे को बचाने के लिए प्रशासन से सहायता लेने गया था
भरत तिवारी पर नेताओं की तरह रेप और मर्डर केस तो नहीं था… pic.twitter.com/27EMTIfs5D— 𝐃𝐫. 𝐕𝐞𝐝𝐢𝐤𝐚 𝐕𝐚𝐭𝐬 (@CivicConscious_) June 18, 2026
गृहमंत्रालय का जवाब
बता दें कि वर्ष 2022 में गृहमंत्रालय ने लोकसभा में एक जवाब देने के दौरान बताया था कि साल 2017 से 2022 के बीच बिहार में पुलिस के एनकाउंटर में 22 की मौत हुई और अगर पूरे देश की बात करें तो पुलिस एनकांउटर में 655 मौत हुई थीं.