BSF Dog Pregnant Case: तीन बच्चों के जन्म देने पर BSF की फीमेल डॉग पर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश, तैनात थी भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर, जानें खोजी डॉग के लिए क्या हैं नियम, क्यों नहीं हो सकती हैं गर्भवती

January 1, 2023 by No Comments

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भारत-बांग्लादेश बार्डर से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है। यहां बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात लैल्सी नाम की खोजी फीमेल डॉग को 5 दिसंबर को तीन पपीज हुए। जबकि नियमों के मुताबिक, एक बीएसएफ डॉग हाई सिक्यॉरिटी जोन और हैंडलर के लगातार निगरानी व सुरक्षा के बीच गर्भवती नहीं हो सकती है। इस मामले पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक मेघालय के शिलॉन्ग इलाके में बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ की खोजी डॉगी के गर्भवती होने के बाद पपीज पैदा होने से हड़कंप मच गया है। बीएसएफ ने मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वॉयरी के आदेश दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात लैल्सी नाम की खोजी फीमेल डॉग ने हाल ही में तीन पपीज को जन्म दिया है, जोकि नियमों के खिलाफ है।

देखें क्या कहते हैं नियम
जानकारों की मानें तो नियम यह भी कहते हैं कि बीएसएफ के पशु चिकित्सा विंग की सलाह और देखरेख में ही डॉग को प्रजनन करने की इजाजत दी जाती है। 43वीं बटालियन की फीमेल डॉग लैल्सी ने बीते 5 दिसंबर को सीमा चौकी बाघमरा में तीन पपीज को जन्म दिया है। शिलॉन्ग स्थित बीएसएफ के क्षेत्रीय मुख्यालय ने इस मामले की संक्षिप्त अदालती जांच करने के आदेश जारी किए। क्योंकि एक बीएसएफ डॉग हाई सिक्यॉरिटी जोन और हैंडलर के लगातार निगरानी व सुरक्षा के बीच गर्भवती नहीं हो सकती है।

जानें क्या है खोजी डॉग के लिए नियम
मीडिया सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट अजित सिंह को दी गई है। उन्हें इस महीने के आखिरी तक अपनी रिपोर्ट जमा करनी है। मालूम हो कि बीएसएफ समेत अन्य केंद्रीय बलों में खोजी कुत्तों के प्रशिक्षण, प्रजनन, टीकाकरण, आहार और स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती हैं।

वहीं नियमों के तहत बीएसएफ के पशु चिकित्सा विंग की सलाह और देखरेख में ही कुत्तों को प्रजनन करने की अनुमति दी जाती है। इस पूरे मामले में बात सामने आ रही है कि हैंडलर की लापरवाही से ही डॉग गर्भवती हुई। बीएसएफ के पशुचिकित्सक विंग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि, ‘हमने हमारे प्रशिक्षित डॉग के प्रेग्नेंसी के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया है। ऐसे में हो सकता है कि डॉगी अपने हैंडलर की लापरवाही के कारण गर्भवती हो गई हो।’ इस वजह से केयर टेकर को सजा हो सकती है।

जानें क्या होता है नुकसान
जानकारों की मानें तो प्रमुख चेक पोस्ट पर BSF जवानों के साथ-साथ स्निफर डॉग को भी तैनात किया जाता है। ये डॉग्स संदिग्ध चीजों को सूंघ कर उन्हें पकड़वाने में मदद करते हैं, लेकिन जब ये डॉग्स प्रेग्नेंट हो जाती हैं तो उनकी सूंघने की ताकत कमजोर हो जाती है। ऐसे में वह पोस्ट पर बेहतर काम नहीं कर पातीं। इसीलिए ये नियम बनाए गए हैं कि जो फीमेल डॉग महत्वपूर्ण पोस्टों पर तैनात हों तो उन्हें प्रेग्नेन्ट न होने दिया जाए। (फोटो-सोशल मीडिया)

जानें देश की सुरक्षा में तैनात डॉग यूनिट के बारे में
एक हजार से अधिक ट्रेंड कुत्ते वर्तमान में भारतीय सेना में तैनात हैं।
25 फुल डॉग यूनिट इंडियन आर्मी में हैं।
दो हॉफ डॉग यूनिट भी इंडियन आर्मी में है।
एक फुल यूनिट में 24 और हॉफ यूनिट में 12 डॉग होते हैं।

जानें किन नस्लों के डॉग तैनात हैं देश की सुरक्षा में
लेब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, मुधोल हाउंड, ग्रेट स्विस माउंटेन,
बेल्जियम मेलनॉइज