इसको लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि यह गोमांस है और इसे मिड-डे मील के नाम पर बच्चों को परोसा जा रहा था.
उनकी मेहनत और लगन अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। विश्वविद्यालय ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।
मेडिकल इंश्योरेंस एवं ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. उन्होंने बताया कि इनका चयन कंपनी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर डिवीजन के लिए किया गया है.
Programme Level जैसे परास्नातक पाठ्यक्रमों Master (P G Programmes) का चयन करें।
शिक्षकों ने स्कूल में मौके पर बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया और फिर बच्चों को घर भेज दिया लेकिन इन बच्चों ने स्कूल के बाहर बड़ा कांड कर दिया.
लक्ष्य तकनीकी शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना और उद्योगों की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम सुनिश्चित करना होगा।
इसके अलावा स्टाइपेंड भी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। ताकि छात्र नवाचार और स्टार्टअप में भी आगे बढ़ सकें।
विश्वविद्यालय की ओर से लगातार छात्रों को ट्रेनिंग कराने के साथ ही कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन किया जा रहा है।
प्राणा एक्सपर्ट डिवाइस को भी बनाया है. इसको भी मुंह में लगाना होगा और इसके जरिये टीबी, किडनी और लीवर की जांच की जा सकती है।
जो उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन होंगे। उन्हें ऐसे कार्यस्थलों का अनुभव कराया जाएगा, जो दिव्यांग-अनुकूल हों।