कथा प्रसंगों पर आधारित सुंदर नृत्य-नाटिकाएँ प्रस्तुत कर बच्चों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वृषभ राशि के जातकों को निवेश में लाभ मिलेगा और अटका हुआ पैसा वापस मिलेगा. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के भी योग बन रहे हैं.
शास्त्रों के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया के दिन प्रदोष काल यानी शाम के समय हुआ था.
राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर से मूर्ति बनकर सात समंदर पार सनातन संस्कृति का प्रसार करने के लिए जा चुकी है.
अगर तत्काल बुकिंग चाहिए तो ये केवल 300 दर्शनर्थियो के लिए ही होगी.
भले ही भोजन न करें. इस दिन सत्तु बांटने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है.
2026 में यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू होगी और 28 अगस्त तक चलेगी.
केवल सात्विक भोजन करें. साथ ही मांसाहार और नशीली वस्तुओं को भी पूरी तरह से एकादशी पर प्रतिबंधित करें.
Aniruddhacharya Viral Video: सोशल मीडिया पर वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें…
हनुमान चालीसा में इस बात का उल्लेख मिलता है कि वह माता सीता को अपना गुरु मानते थे.