राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर से मूर्ति बनकर सात समंदर पार सनातन संस्कृति का प्रसार करने के लिए जा चुकी है.
अगर तत्काल बुकिंग चाहिए तो ये केवल 300 दर्शनर्थियो के लिए ही होगी.
भले ही भोजन न करें. इस दिन सत्तु बांटने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है.
2026 में यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू होगी और 28 अगस्त तक चलेगी.
केवल सात्विक भोजन करें. साथ ही मांसाहार और नशीली वस्तुओं को भी पूरी तरह से एकादशी पर प्रतिबंधित करें.
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हनुमान चालीसा में इस बात का उल्लेख मिलता है कि वह माता सीता को अपना गुरु मानते थे.
वीरता में हनुमान जी का किसी से कोई मुकाबला नहीं. भगवान शिव के अवतारी कहे जाने वाले राम भक्त हनुमान जी के नाम पर ही भारत सरकार वीरता का सर्वोच्च पुरस्कार महावीर चक्र नामक स्वर्ण पदक भी देती है.
हनुमान जयंती पर घर की साफ-सफाई कर सुबह ही स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है.