स्वतंत्र भारद्वाज पर फर्जी SC/ST एक्ट लगाने का आरोप…चिराग पासवान और राहुल गांधी उतरे इस किशोरी के पक्ष में-Video

September 5, 2026 by No Comments

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Swatantra Bhardwaj: सोशल मीडिया से लेकर बिहार और दिल्ली की सियासत तक में स्वतंत्र भारद्वाज नाम की खूब चर्चा हो रही है तो वहीं कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं.

दरअसल करीब दो महीने पहले जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी युवती निशु आजाद के पिता संजय कुमार की हाथापाई स्वतंत्र भारद्वाज के साथ हो गई थी जिसमें संजय कुमार को चोट लगी थी तो वहीं अब एक पॉडकास्ट वायरल हो रहा है जिसने इस पुराने मामले को ताजा कर दिया है तो दूसरी ओर स्वतंत्र पर फर्जी एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराने का आरोप भी लगाया जा रहा है.

हालांकि दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है. स्वतंत्र पर जान से मारने का प्रयास करने सहित पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट में भी मुकदमा दर्ज हुआ है. निशु आजाद के साथ नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और सीजेपी पदाधिकारी थाने पहुंचे थे और स्वतंत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई.

जानें क्या है पूरा मामला?

कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर करीब एक महीने चले लंबे प्रदर्शन के दौरान यानी 23 जून को गाजियाबाद निवासी संजय कुमार के सिर में चोट लग गई थी. संजय कुमार, एक्टिविस्ट और कंटेंट क्रिएटर निशु आजाद के पिता हैं. घटना के बाद संजय कुमार ने संसद मार्ग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो वहीं जांच के दौरान सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को घटनास्थल से जुड़े होने के आधार पर नोटिस भी जारी की गई थी और पूछताछ की गई.

तो वहीं घटना के कई सप्ताह बाद स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें खुद स्वतंत्र ने कहा है कि उन्होंने संजय कुमार के सिर पर हमला किया था और राजनीतिक संपर्कों की वजह से उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। इस दौरान स्वतंत्र ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई बड़े नेताओं को अपना बड़ा भाई बताया. बस इसी के बाद से मामला दोबारा गर्म हो गया.

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज को बिहार के दरभंगा का बताया जा रहा है. यूपीएससी की तैयारी के लिए वह दिल्ली आए और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन ले लिया. कई पॉडकास्ट में उन्होंने खुद को दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़ा बताया है और कई हिंदूवादी संगठनों से भी अपने संबंधों का दावा किया.

सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया है कि उन्हें एक दिन में जेल से बाहर आने में राजनीतिक संपर्कों का फायदा मिला. इस वीडियो में उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा को अपना बड़ा भाई होने का दावा किया है.

सीजेपी प्रवक्ता का आरोप

वीडियो सामने आने के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास का आरोप है कि पुलिस हिरासत के दौरान कपिल मिश्रा से फोन करवाकर स्वतंत्र ने रिहाई की गुहार लगाई गई. सौरव दास ने ये भी दावा किया कि पुरानी आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज न करने के लिए दबाव बनाया गया था. सीजेपी ने इसे पुलिस जांच में कथित हस्तक्षेप बताया तो दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि मामले में किसी तरह का अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप नहीं हुआ. मामले में जो भी कार्रवाई हुई है वह कानून और तय प्रक्रिया के अनुसार की गई.

स्वतंत्र भारद्वाज और संजय कुमार के वायरल वीडियो का दावा

जहां एक ओर वायरल पॉडकास्ट के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने सफाई देते हुए कहा है कि जंतर-मंतर पर जो हुआ, वह हमला नहीं बल्कि सेल्फ डिफेंस था. उन्होंने ये भी दावा किया कि उन्हें 10-15 लोगों ने घेर लिया था और अगर उन्होंने खुद का बचाया नहीं होता तो भीड़ उनको पीट सकती थी या उनकी जान जा सकती थी.

इसी दौरान संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी. उन्होंने सबूत के तौर पर घटना के वीडियो मौजूद होने की बात कही. साथ ही स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय कुमार की चोट को लेकर भी पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया और कहा कि संजय को कोई बड़ी चोट नहीं लगी थी. तो दूसरी ओर निशु के पिता संजय का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि वह स्वतंत्र को जमकर पीटते अगर पुलिस नहीं आ जाती तो. ऐसे में स्वतंत्र के सपोर्टर का कहना है कि जब निशू के पिता ही स्वतंत्र को मारना चाहते थे तो स्वतंत्र ने जो भी किया वो सेल्फ डिफेंस में किया.

हालांकि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद स्वतंत्र ने कहा है कि चिराग पासवान और कपिल मिश्रा की बात उन्होंने मजाक में कही थी.

निशु आजाद का आरोप

निशु आजाद ने आरोप है कि पिता संजय कुमार पर जंतर-मंतर पर हमला किया गया जिससे उनके सिर में चोट आई. निशु ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वायरल पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज उनके पिता पर हमला करने की बात भी स्वीकार कर ली है. निशु ने ये भी दावा किया कि चोट के बाद पिता को टांके लगवाने पड़े. आरोप ये भी लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने लंबे समय तक कोई भी प्रभावी कार्रवाई स्वतंत्र के खिलाफ नहीं की और मेडिकल जांच के नाम पर मामले को टाला जाता रहा.

निशु ने ऑनलाइन अभद्र टिप्पणी और दुष्कर्म की धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया है. 4 सितंबर को निशु ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मदद की अपील की तो दूसरी ओर राहुल गांधी का भी बयान सामने आया है और चिराग पासवान ने भी सफाई दी है.

राहुल गांधी

राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. साथ ही कहा कि अगर किसी आरोपी को राजनीतिक संरक्षण हासिल है तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. इसी के साथ ही राहुल गांधी ने निशु आजाद का साथ देने की बात कही है.

चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर कहा है कि उसने गलत तरीके से उनका नाम लिया है. इसलिए उन्होंने स्वतंत्र के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है और कहा है कि उसने मेरे नाम का मिसयूज किया है. साथ ही कहा है कि मेरी पार्टी निशु के साथ पूरी तरह से खड़ी है.

स्वतंत्र भारद्वाज के बचाव में उतरे हिंदू संगठन

स्वतंत्र भारद्वाज के बचाव में कई हिंदू संगठन उतरे हैं और पुलिस को वो सभी साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं जिसमें निशु आजाद के पिता ने खुद ही स्वतंत्र पर हमला करने की बात कही थी. फिलहाल देखना है कि इस घटना में क्या नया मोड़ आता  है. हिंदू संगठनों का आरोप है कि स्वतंत्र पर फर्जी एससी-एसटी एक्ट लगाया गया जबकि स्वतंत्र ने कही भी अपशब्द का इस्तेमाल नहीं किया तो वहीं पॉक्सो एक्ट भी फर्जी है.

घटना के वक्त का वीडियो

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