Dream: अगर सपने में दिखे पूर्व प्रेमी या प्रेमिका…क्या मिलता है संकेत?
Dream Astrology: ये बात तो सही है कि सपनों की दुनिया बहुत ही रोमांचक होती है. कभी-कभी तो ऐसे भी सपने आते हैं, कि जब नींद टूटती है तो बहुत की तकलीफ होती है. हालांकि कभी-कभी इन सपनों का हमारी जिंदगी से कुछ कनेक्शन भी निकल आता है. तो वहीं ये भी कहा जाता है कि हमारी जिंदगी में आने वाले समय में अगर कुछ घटने वाला होता है तो ये सपने हमें संकेत दे देते हैं.
हालांकि पहले ये सपना सिर्फ समुद्र शास्त्र (Samudra Shastra) का हिस्सा हुआ करते थे लेकिन अब विज्ञान के लिए भी रिसर्च का हिस्सा बन चुके हैं. आज दुनियाभर के तमाम डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक सपनों के रहस्य को समझने में लगे हैं. ज्योतिष में तो सपनों को दूसरी दुनिया की खिड़की कहा जाता है. इसी के साथ ही ज्योतिष में भिन्न-भिन्न सपनों के अलग-अलग मायने भी बताए गए हैं.
समुद्र शास्त्र के अनुसार, सपने हमें भविष्य की घटनाओं का संकेत देते हैं. स्वप्न शास्त्र में हर सपने का मतलब बताया गया है, जिसकी मदद से सपनों के मतलब को समझा जा सकता है. स्वप्न शास्त्र के मुताबिक अगर सपने में पूर्व प्रेमी या प्रेमिका दिखाई देती है तो माना जाता है कि इसका संकेत है कि आने वाले समय में दांपत्य जीवन काफी खुशहाल होगा और जीवनसाथी के साथ रिश्ता काफी मजबूत होगा. अगर दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा होगा, तो वह जल्दी ही खत्म हो जाएगा. तो वहीं सपने में प्रेमिका को देखना शुभ माना जाता है. इसका अर्थ है कि जीवन में खुशियां आने वाली हैं.
अगर फिजिकल होते हैं तो…
अगर सपने में पूर्व प्रेमिका या प्रेमी से फिजिकल होना देखते हैं या फिर सपने में आते हैं तो इसका स्वप्न शास्त्र में ये भी मतलब होता है कि आपको जल्द ही कोई शुभ समाचार मिलने वाला है. अगर आप अविवाहित हैं तो जल्द ही शादी होने का संयोग है और अगर विवाहित हैं तो घर में नया मेहमान आने वाला है.
जानें क्या है समुद्र शास्त्र?
बता दें कि समुद्र शास्त्र प्राचीन हिंदू ग्रंथ, गरुड़ पुराण में शामिल विषयों में से एक है। इसमें ज्योतिष और हस्तरेखा विज्ञान ( हस्त-सामुद्रिका ) के साथ-साथ मस्तिष्क विज्ञान ( कपाल-सामुद्रिक ) और चेहरा पढ़ने ( फिजियोग्नोमी , मुख-सामुद्रिक ) से संबंधित जानकारी दी गई है. इसे संस्कृत शब्द “सामुद्रिक शास्त्र” से लिया गया है. मोटे तौर पर कह सकते हैं कि इसमें शरीर की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई है. यह शास्त्र ऋषि समुद्र द्वारा लिखा गया था, इसलिए इस शास्त्र को समुद्र शास्त्र भी कहा जाता है.
DISCLAIMER: यहां पर दी गई सारी जानकारियां स्वप्न शास्त्र पर आधारित हैं. इनकी पूर्ण रूप से सत्यता की कोई जिम्मेदारी KhabarSting नहीं लेता. किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपने पुरोहित या फिर ज्योतिषआचार्य से सलाह अवश्य लें.
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