Elon Musk: विकिपीडिया को बंद कर दो दान देना…जानें एलन मस्क ने क्यों की ये अपील और क्या लगाया है आरोप?
Elon Musk on Wikipedia: टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) जैसी बड़ी कंपनियों के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने विकिपीडिया को दान न देने की अपील उस वक्त की है जब विकिपीडिया पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रही है. मालूम हो कि जब भी हमें किसी बात की जानकारी नहीं होती है हम तुरंत विकिपीडिया का सहारा लेते हैं यानी दुनियाभर की शख्सियतों, महत्वपूर्ण जगहों और ज्ञान का अथाह सागर माने जाने वाली वेबसाइट विकिपीडिया (Wikipedia) एलन मस्क की इस अपील के बाद बुरी तरह से संकट में घिरती नजर आ रही है.
मालूम हो कि इंटरनेट जगत में विकिपीडियो ने अपनी एक अलग व महत्वपूर्ण जगह बना ली है और आर्थिक रूप से परेशान होने के कारण लोगों से दान की अपील कर रही है तो वहीं एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया है कि विकिपीडिया को लेफ्ट विचारधारा (Far Left Activists) वाले लोग कंट्रोल कर रहे हैं. इसलिए इस इंटरनेट एनसाइक्लोपीडिया को हमें चंदा नहीं देना चाहिए.
अमेरिकी न्यूज कंपनी ने शेयर की है रिपोर्ट
एलन मस्क ने अमेरिकी न्यूज कंपनी पायरेट वायर्स की एक रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा है कि विकिपीडिया के हमास सार्थक एडिटर्स ने इजराइल फिलिस्तीन नरेटिव को हाईजैक कर लिया है. बता दें कि पायरेट वायर्स को डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) का समर्थक माना जाता है. तो वहीं इस रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि करीब 40 विकिपीडिया एडिटर्स इजराइल के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और कट्टर इस्लामिस्ट ग्रुप को सपोर्ट कर रहे हैं.
Wikipedia is controlled by far-left activists.
People should stop donating to them. https://t.co/Cjq2diadFY
— Elon Musk (@elonmusk) October 25, 2024
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कही है कार्रवाई की बात
मालूम हो कि हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी विकिपीडिया पर कार्रवाई की बात कही थी. दरअसल हाई कोर्ट ने एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) के पेज को एडिट कौन कर रहा है इस बात की जानकारी विकिपीडिया की ओर से नहीं दी जा सकी. अदालत ने विकिपीडिया के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई की है और 5 सितंबर को नोटिस जारी किया था. मालूम हो कि एएनआई ने विकिपीडिया पर मानहानि का केस दर्ज कराया है. इस मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि अगर विकिपीडिया को भारत में काम करना पसंद नहीं है तो उसे यहां काम नहीं करना चाहिए. इसके अलावा कोर्ट ने ये भी कहा था कि वह केंद्र सरकार से अपील करेंगे कि इस प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया जाए.
जानें क्या है मामला?
न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) ने विकिपीडिया पर अपने पेज पर मानहानिकारक एडिटिंग की अनुमति देने के लिए मुकदमा दायर किया है। दरअसल विकिपीडिया ने एएनआई को मौजूदा सरकार के लिए ‘प्रोपगैंडा टूल ‘ के रूप में परिभाषित किया था. इसी के बाद ही एएनआई की ओर से ये एक्शन लिया गया है. एएनआई का प्रतिनिधित्व करने वाले एडवोकेट सिद्धांत कुमार ने तर्क दिया कि हालांकि विकिपीडिया ने अपनी जानकारी को तथ्य के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन यह ‘मानहानि का एक समूह’ है।
तो वहीं हाई कोर्ट ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म का का कामकाज, विशेष रूप से इसका ओपन-एक्सेस एडिटिंग वाला फंक्शन खतरनाक है।
सुनवाई के दौरान बेंच के बाकी सदस्यों के साथ जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने ये भी कहा था कि विकिपीडिया पर कोई भी पेज एडिट कर सकता है? यह किस तरह का पेज है, अगर यह किसी के लिए भी (एडिटिंग के लिए) ओपन है। तो ये खतरनाक है. तो वहीं विकिपीडिया के सीनियर एडवोकेट जयंत मेहता ने कहा कि यूजर्स को पेज बनाते समय या जानकारी अपडेट करते समय कानून का पालन करना होता है.
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