Gupta Navratri-2023: गुप्त नवरात्र 19 जून से, महिलाएं इस उपाय से करें अपने कष्टों को दूर, विद्या प्राप्ति के लिए विद्यार्थी इस तरह से करें पूजा
Gupta Navratri-2023: बता दें कि एक वर्ष में चार नवरात्र होती है, लेकिन आम लोग केवल दो नवरात्र (चैत्र व शारदीय नवरात्र) के बारे में ही जानते हैं। इनके अलावा आषाढ़ तथा माघ मास में भी नवरात्र का पर्व आता है, जिसे गुप्त नवरात्र कहते हैं। इस बार आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्र का प्रारंभ आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा (19 जून, सोमवार) से होगा, जो आषाढ़ शुक्ल नवमी (27 जून, मंगलवार) को समाप्त होगी।
सिद्धि प्राप्त करने के उपाय
आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि, नवरात्र में शुभ संकल्पों को पोषित करने, रक्षित करने, मनोवांछित सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए सिद्धि योग होता है। नवरात्र में स्नानादि से निवृत होकर तिलक लगाकर एवं दीपक जलाकर यदि “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे” मंत्र की इक्कीस माला जप करें तो शत्रु भी मित्र बन जाता है।
कष्ट निवारण के लिए महिलाएं करें ये उपाय
जिन माताओं बहनों को दुःख और कष्ट ज्यादा रहते हैं,वे नवरात्र के प्रथम दिन (देवी-स्थापना के दिन) दीपक जलायें और कुम-कुम से अशोक वृक्ष की पूजा करें ,पूजा करते समय निम्न मंत्र बोलें :
“ अशोक शोक शमनो भव सर्वत्र नः कुले “
भविष्योत्तर पुराण के अनुसार नवरात्र के प्रथम दिन इस तरह पूजा करने से माताओं बहनों के कष्टों का जल्दी निवारण होता है.
शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन में सिर्फ बिना नमक मिर्च का भोजन करें. (जैसे दूध, रोटी या खीर खा सकते हैं, नमक मिर्च का भोजन अगले दिन ही करें )
“ॐ ह्रीं गौरये नमः”
मंत्र का जप करते हुए उत्तर दिशा की ओर मुख करके स्वयं को कुम -कुम का तिलक करें.
गाय को चन्दन का तिलक करके गुड़ और रोटी खिलाएं.
श्रेष्ठ अर्थ (धन) की प्राप्ति के लिए करें ये उपाय
नवरात्र में देवी के एक विशेष मंत्र का जप करने से श्रेष्ठ अर्थ कि प्राप्ति होती है मंत्र ध्यान से पढ़ें :
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमल-वासिन्ये स्वाह्”
विद्यार्थियों के लिए
नवरात्र के प्रथम दिन विद्यार्थी अपनी पुस्तकों को घर के ईशान कोण में रख कर पूजन करें और नवरात्र के तीसरे तीन दिन विद्यार्थी सारस्वत्य मंत्र का जप करें। इससे उन्हें विद्या प्राप्ति में अपार सफलता मिलती है. बुद्धि व ज्ञान का विकास होता है.
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)