Healthy Routine: गुणों की खान है तुलसी पत्तियां, जाने इसके इस्तेमाल के 5 तरीके, सांस की दुर्गंध से लेकर दस्त में भी है लाभकारी
आयुर्वेद के अनुसार तुलसी के पत्तों में गुणों की खान है। इसके एक नहीं हजारों फायदे हैं। यह पूजनीय होने के साथ ही सेहत के लिए भी लाभकारी है। अगर इसका सही तरीके से सेवन किया जाए तो आपको किसी तरह की अन्य दवाईयों की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। छोटी-मोटी शारीरिक समस्याएं तो यू हीं झट से रफूचक्कर हो जाएंगी। इस लेख में आयुर्वेदाचार्य रोहित यादव बता रहे हैं तुलसी पत्तियों के गुणों के साथ ही इसके सेवन का सही तरीका।
तुलसी के पत्तों में एंटी ऑक्सीडेंट होते है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी कि इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।
यदि आपको सर्दी व फिर हल्का बुखार हो गया हो तो इस तरह से इसका सेवन कर सकते हैं। मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह से पकाकर काढ़ा बना ले और फिर इसे पी ले। आप चाहें तो इस घोल को सुखाकर इसकी गोलियां बनाकर भी खा सकते हैं। इससे आपको सर्दी व हल्के बुखार में फायदा होगा।
जिन लोगों को सांस की दुर्गंध की समस्या होती है उन्हें रोजाना सुबह उठकर तुलसी के कुछ पत्तों को मुंह में रखना चाहिए, ऐसा करने से सांस की दुर्गंध धीरे-धीरे कम होने लगेगी।
यदि आपको कहीं चोट लग जाए तो आप तुलसी के पत्तों को फिटकरी के साथ मिलाकर, अपने घाव पर लगा सकते हैं, ऐसा करने से चोट व घाव जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी।
यदि आपको दस्त हो गए हैं तो तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाएं और पीस लें। अब इस मिश्रण को दिनभर में 3-4 बार चाटते रहें। ऐसा करने से आपको दस्त बंद होने में फायदा मिलेगा।