Hindu Belief:ग्रहदोष दूर करने के लिए प्रत्येक शनिवार को स्पर्श करें पीपल का वृक्ष, कर्ज मुक्ति के लिए करें ये सरल उपाय, जानें वृक्षों की पूजा के सम्बंध में क्या कहते हैं स्कंदपुराण, ब्रह्मपुराण और पद्मपुराण
सनातन धर्म में पेड़-पौधों की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इसीलिए हिंदू धर्म में की कई पूजा-पाठ पेड़-पौधों से सम्बंधित मनाए जाते हैं। ये तो सभी जानते हैं कि प्रकृति से ही यह दुनिया चल रही है। ऐसे में इसकी पूजा करना मानव धर्म है। कहा जाता है कि हिंदू धर्म में कुछ विशेष वृक्षों व पौधों की पूजा करने का विधान इसलिए रखा गया, ताकि उसे कोई नुकसान पहुंचाए और काटे नहीं। जैसे पीपल, बरगद और तुलसी, ये पेड़ और पौधे मानव जीवन और प्राणवायु के लिए अति आवश्यक माने गए हैं।
इसीलिए हमारे शास्त्रों और वेद पुराणों में पेड़-पौधों के पूजन की परम्परा डालने के साथ ही मानव को ये भी बताया गया कि इसकी पूजा से क्या लाभ प्राप्त होता है। इसी सम्बंध में आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि स्कंद पुराण के अनुसार द्वादशी के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करने का विधान बताया गया है। इसी के साथ कहा गया है कि इसकी पूजा करने से ब्रह्महत्या आदि महापाप नष्ट हो जाते हैं।

वहीं ब्रह्मपुराण के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं कि ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है।
पद्म पुराण कहता है कि शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।
नौकरी – व्यवसाय में सफलता, आर्थिक समृद्धि एवं कर्ज मुक्ति के लिए शनिवार के दिन पीपल में दूध, गुड, पानी मिलाकर चढायें। पीपल का स्पर्श करें व प्रदक्षिणा करें।
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)