Holi-2023: होलाष्टक के दौरान कर लें ये उपाय, नहीं होगी धन की कमी, देखें किस दिन और कितने समय जलेगी होली और कब मनेगा भैया दूज
होली विशेष। हिंदू धर्म में प्रत्येक वर्ष फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को होली का पर्व मनाया जाता है, लेकिन इससे पहले फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा यानी होली के दिन तक का काल “होलाष्टक” कहलाता है. इन दिनों में शादी, ब्याह, सगाई आदि मांगलिक कार्यक्रम पूरी तरह से निषेध होते हैं लेकिन इन दिनों किया गया जप-तप के चमत्कारिक फायदे होते है.
आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि इस बार होलाष्टक 26 फरवरी से शुरू हो चुके हैं जो कि पूर्णिमा को समाप्त होंगे. इस दौरान अगर जप-तप व कुछ उपाय कर लिए जाएं तो आपके जीवन में बदलाव हो सकता है. यदि आपके व्यापार में धन की कमी हो रही है और यदि आपके पास धन नहीं टिकता है तो होलाष्टक के दौरान पड़ने वाले शनिवार को काले कुत्ते को तेल से चुपड़कर रोटी खिलाएं। ऐसा करने से आप की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी तथा व्यापार स्थल में बढ़ोत्तरी होगी एवं धन की प्राप्ति होने लगेगी. हालांकि इस उपाय को प्रत्येक शनिवार को भी किया जा सकता है. अर्थात अगर आप होलाष्टक के दौरान ये उपाय नहीं कर सकें हैं तो आम दिनों में पड़ने वाले शनिवार को भी ये उपाय कर सकते हैं और इस उपाय का लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
इस दिन होगा होलिका दहन
आचार्य पंडित रवि शास्त्री, आचार्य महादेव तिवारी और आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि 6 मार्च 2023, दिन सोमवार को पूर्णिमा तिथि दोपहर 3 बजकर 57 मिनट से लग जायेगी. चूंकि होलिका दहन पूर्णिमा तिथि की रात में भद्रा के पश्चात किया जाता है इसलिए 6 मार्च सोमवार को भद्रा पुच्छ रात 12 बजकर 23 मिनट से रात 1 बजकर 35 मिनट के मध्य होलिका दहन का मुहूर्त बन रहा है. इसी समय ढूंढ़ा राक्षसी का पूजन कर “ओम होलिकाये नमः कहते हुए विधि विधान से होलिका दहन किया जाएगा. स्न्नान दान की पूर्णिमा 7 मार्च को है और भैया दूज का पर्व 9 मार्च को मनाया जाएगा.
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।) (फोटो-सोशल मीडिया)