Indira Ekadashi-2022: इंदिरा एकादशी 21 सितम्बर को, पूजा में अवश्य करें तुलसीदल का इस्तेमाल, देखें कथा व पूजन विधि
एकदशी विशेष। अश्विन कृष्ण एकादशी को इंदिरा एकादशी कहते हैं। इस बार इस इंदिरा एकादशी का व्रत 21 सितम्बर को पड़ रहा है। शास्त्रों में बताया गया है कि भटकते हुए पितरों को गति देने वाली पितृपक्ष की इस एकादशी का नाम इंदिरा एकादशी है। इस एकदशी का व्रत करने वाले के सात पीढ़ियों तक के पितृ तर जाते हैं। इस एकादशी का व्रत करने वाला स्वंय मोक्ष प्राप्त करता है।
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि इस एकादशी के व्रत और पूजा का विधान वही है जो अन्य एकादशियों का है। अंतर केवल यह कि इस दिन शालिग्राम की पूजा की जाती है। इस दिन स्नानादि से पवित्र होकर भगवान शालिग्राम को पंचामृत से स्नान कराकर भोग लगाना चाहिए तथा पूजा कर, आरती करनी चाहिए। फिर पंचामृत वितरण कर ब्राह्मणों को भोजन कराकर दक्षिणा देनी चाहिए। इस दिन पूजा तथा प्रसाद में तुलसी दल का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
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