Lucknow: वेब सीरीज़ “घूसखोर पंडत” की टीम पर इंस्पेक्टर ने दर्ज कराई FIR…लगाए ये गम्भीर आरोप; जानें कौन हैं विक्रम सिंह?
Lucknow: नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ “घूसखोर पंडत” के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन देश के तमाम हिस्सों में हो रहा है तो वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने वेब सीरीज की टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है.
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि डायरेक्टर और उसकी टीम ने ब्राह्मण समाज को अपमानित करने का काम किया है. इस वजह से ब्राह्मणों में काफी रोष व्याप्त हो गया है और कई सामाजिक संगठन इसका विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं. इस वेब सीरीज “घूसखोर पंडत” नाम से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की सम्भावना बनी हुई है और इससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और समुदायों के बीच वैमनस्यता बढ़ सकती है.

सम्मान प्राप्त करते इंस्पेक्टर विक्रम सिंह
मालूम हो कि इस वेब सीरीज को लेकर सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इसका डायरेक्शन नीरज पांडे ने किया है और मुख्य भूमिका मनोज बाजपेई निभा रहे हैं. यानी दोनों ही ब्राह्मण समाज से आते हैं फिर भी उन्होंने इस वेब सीरीज का विवादित नाम रखा. फिलहाल ब्राह्मण समाज इस वेब सीरीज के हर सदस्य पर कार्रवाई करने की मांग कर रहा है.
इन धाराओं में दर्ज हुआ है मामला
घूसखोर पंडत की टीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने जो मामला दर्ज कराया है उसके मुताबिक, फिल्म का जो शीर्षक है वह एक विशिष्ट समुदाय को अपमानित करने वाला है. इसकी वजह से न केवल जातिगत विद्वेष पैदा हो सकता है बल्कि समाज के एक बड़े वर्ग की छवि को भी धूमिल करने का काम किया गया है.
बता दें कि मामला धारा 196 के तहत जाति और धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच नफरत फैलाना, धारा 299 के तहत किसी वर्ग की धार्मिक और जातिगत भावनाओं को जानबूझकर आहत करना तो वहीं धारा 352 एवं 353 के तहत सार्वजनिक शांति को भंग करने के उद्देश्य से अपमानजनक कृत्य करना आदि धाराओं के तहत दर्ज किया गया है. इसके अलावा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का गम्भीर आरोप भी लगाया गया है.
जानें कौन हैं इंस्पेक्टर विक्रम सिंह?
बता दें कि 46 वर्षीय इंस्पेक्टर विक्रम सिंह वर्तमान में हजरतगंज थाने में तैनात हैं लेकिन इससे पहले वह कृष्णानगर थाने में तैनात थे. 10 अक्टूबर 2022 को लखनऊ जिले में उनका ट्रांसफर हुआ था वह मैनपुरी से यहां आए थे. मैनपुरी में वह साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर थे तो वहीं वाराणसी और झांसी वह क्राइम ब्रांच में अपनी सेवा दे चुके हैं तो इससे पहले वह अयोध्या में एसओ के पद पर तैनात रह चुके हैं. इस तरह से वह अब तक छह जिलों में वे काम कर चुके हैं. वह इंस्पेक्टर विक्रम सिंह 2001 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं और उनकी ट्रेनिंग मुरादाबाद में हुई थी.
वृद्ध महिला का कराया था अंतिम संस्कार
जुलाई 2023 की बात है, जब विक्रम सिंह कृष्णानगर में तैनात थे. एक अस्पताल में 80 वर्षीय वृद्धा का निधन हो गया और उनका इकलौता बेटा अपनी मां को अस्पताल में छोड़कर जालंधर चला गया था. इसकी सूचना जब विक्रम सिंह को मिली तो उन्होंने वृद्धा का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया फिर थाने की टीम की मदद से वृद्धा की अर्थी को कंधा देने के साथ ही अंतिम संस्कार किया. इसकी चर्चा भी खूब हुई थी.

बच्चों के साथ इंस्पेक्टर विक्रम सिंह
बच्चों के प्यारे अंकल हैं विक्रम सिंह
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह बच्चों के प्यारे अंकल भी हैं. दरअसल बच्चों के मन से पुलिस का डर दूर करने के लिए उन्होंने हजरतगंज थाने में एक नई पहल शुरू की. इसको लेकर उन्होंने नन्हें-मुन्ने बच्चों को हजरतगंज कोतवाली में बुलाया और फिर बच्चों को अपनी कुर्सी पर बैठाया तो बच्चों को खुद भी गोद लिया और उनको मिठाई और टॉफी का वितरण किया. अपने इस कार्य को लेकर वह सितंबर 2024 में खूब चर्चित हुए थे. तो वहीं अब घूसखोर पंडत के खिलाफ ये कदम उठाकर लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वह वेव सीरीज के निर्देशक और टीम के खिलाफ दर्ज केस में वादी बन गए हैं.
परिवार और दोस्ती
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के परिवार में मां, पत्नी और दो बेटे हैं वह क्राइम की दुनिया से निपटने के साथ ही सामाजिक कार्य व जरूरतमंदों की मदद भी करते रहते हैं. तो वहीं दोस्ती के लिए भी वह खूब जाने जाते हैं. माना जाता है कि वह जिस किसी से भी मित्रता करते हैं तो फिर उसे पूरी शिद्दत के साथ निभाते हैं. वह शहर में अपनी शानदार कार्यशैली और बेहतर पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं. साथ ही उनके अंदर दयाभाव भी कूट-कूट कर भरा हुआ है जिसकी चर्चा अक्सर होती रहती है.
डीजीपी ने किया सम्मान
पुलिस की ड्यूटी निभाने के साथ ही सामाजिक कार्यों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के कारण वह कई बार सामाजिक संस्थाओं के द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं तो वहीं डीजीपी राजीव कृष्ण दिसंबर 2025 में उनको सम्मानित कर चुके हैं. जिस तरह से उन्होंने हाई सिक्यूरिटी जोन हजरगंज की कमान संभाली और इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखी उसको लेकर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
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