Lucknow News: कैदी की अस्पताल में मौत, घरवालों ने लगाया सीना फाड़ कर दिल निकालने का आरोप, देखें वायरल वीडियो, अगले महीने ही होने वाली थी रिहाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की जिला जेल के कैदी आमिर (40) की शनिवार दोपहर बलमरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर जेल के भीतर मारपीट का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इस पर पुलिस बुलानी पड़ी। वजीरगंज पुलिस के समझाने पर परिजन शांत हुए। जेल व पुलिस ने अस्पताल में कानूनी कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। दूसरी ओर इस मामले में परिजनों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला सीना फाड़ कर दिल निकालने का आरोप लगा रही है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक डालीगंज निवासी आमिर चेक बाउंस के मामले में पांच माह की सजा मिलने पर चार माह के लिए जेल गया था। उसे 19 अगस्त को जिला जेल में पुलिस ने दाखिल किया था और जनवरी में उसकी सजा पूरी होने वाली थी और वह जेल से छूटने वाला था। जेलर अजय राय ने बताया कि आमिर जेल में सफाई का काम करता था। रोज की तरह शनिवार सुबह करीब आठ बजे स्टोर में सफाई का सामान लेने गया।
वहां पर घास काटने वाली कैंची से पेट, गर्दन व हाथ में वार कर खुद को लहूलुहान कर लिया। खून से लथपथ देख साथ के कैदियों ने आमिर को जेल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद वह बातचीत कर रहा था। इसके बावजूद डॉक्टरों ने कैदी को बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। बलरामपुर की इमरजेंसी में पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे कैदी को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया। वह बातचीत भी कर रहा था। जेल प्रशासन की सूचना पर घरवाले वाले भी आ गए। दोपहर करीब एक बजे कैदी ने दम तोड़ दिया। इसी के साथ जेलर अजय राय ने ये भी जानकारी दी कि बैरक के कैदियों से बातचीत में पता चला कि कैदी आमिर ने शुक्रवार को जेल के पीसीओ से घर पर बात की थी।
परिजनों ने ये लगाए आरोप
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला आरोप लगा रही है कि उसके भाई का पेट फाड़ दिया गया और सीना फाड़ कर दिल निकाल लिया गया। इसी के साथ परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने दोपहर में बीमार होने की खबर दी। जबकि उसकी सुबह ही तबियत बिगड़ गई थी। इसी के साथ परिजनों ने जेल में मारपीट के दौरान युवक की मौत का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
19 अगस्त को भेजा गया था जेल
डालीगंज निवासी मो. आमिर (40) को 19 अगस्त को हसनगंज पुलिस ने लेनदेन के विवाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उनकी बहन फरजाना ने बताया कि आमिर को इलाके के केके तिवारी से 30 हजार के लेनदेन में जेल भेजा गया था। शनिवार दोपहर जेलर का फोन आया कि आमिर की तबियत खराब है, आप लोग बलरामपुर अस्पताल पहुंचों। यहां पता करने पर जानकारी हुई कि अस्पताल से आमिर का शव आया है। आमिर ने पहले भी कई बार बताया था कि जेल में उसे परेशान किया जाता है। परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल कर्मियों ने मेरे बेटे को मार डाला। जब तक न्याय नहीं मिलेगा हम लोग नहीं हटेंगे। हंगामे की सूचना पर पहुंची वजीरगंज पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।