Dussehra: दशहरा पर राजधानी में रहेगी कड़ी सुरक्षा, ड्रोन से संदिग्धों पर रखी जाएगी नजर, दहन स्थल के 70 से 100 मीटर के दायरे में जाना होगा प्रतिबंधित, तैनात रहेगा भारी पुलिस बल
लखनऊ। इस बार 5 अक्टूबर को दशहरा (Dussehra), मूर्ति विसर्जन और चुप ताजिया का जुलूस, तीनों है। इस पर उत्तर प्रदेश की राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अराजकतत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। ड्रोन से संदिग्धों पर नजर रखने का पूरा बंदोबस्त कर लिया गया है।
इस सम्बंध में जेसीपी कानून व्यवस्था पीयूष मोर्डिया ने मीडिया को जानकारी दी कि इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह अर्ध सैनिक बल और पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रमुख रावण दहन स्थल ऐशबाग रामलीला मैदान, डालीगंज, एलडीए कालोनी कानपुर रोड, मौसमगंज व इंदिरानगर में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। रावण दहन स्थल के 70 से 100 मीटर के दायरे में आम जन का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग रहेगी। पुलिस बल तैनात रहेगा। क्योंकि रावण दहन के समय एक साथ भीड़ रामलीला मैदानों से निकलेगी।
इसी के साथ जेसीपी ने ये भी बताया कि लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने शारदीय नवरात्र, रामलीला मंचन और मूर्ति विसर्जन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तैयार कर ली है। त्योहार पूजा पण्डाल के साथ ही विसर्जन स्थल की सूची तैयार कर ली गई है। जहां पर अतिरिक्त फोर्स तैनात रहेगी। आपातस्थिति से निपटने के लिए दमकल की टीमें भी तैनात की जाएंगी।
ये तैनात रहेगा पुलिस बल
जेसीपी के मुताबिक इस वर्ष 133 जगह मूर्ति स्थापित की गई है, जबकि 121 पूजा पण्डाल सजे हुए हैं। जोनवार सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। जिसमें 282 दरोगा, 260 मुख्य आरक्षी, 668 सिपाही, 139 ग्राम चौकीदार, 75 पीआरवी, 67 सिविल डिफेंस के वालेंटयर और 14 जगह पर फायर टेण्डर तैनात रहेंगे।
अलावा 16 एएसपी, 38 सीओ, 30 थाना प्रभारी व एसएसआइ, 24 इंस्पेक्टर, 160 दारोगा, आठ महिला दारोगा, 200 हेड कांस्टेबल, 1060 कांस्टेबल, 756 ट्रेनी कांस्टेबल, 40 महिला कांस्टेबल, 10 कंपनी पीएसी और चार कंपनी सीपीएमफ लगाई गई है। इसी के साथ जेसीपी ने बताया कि इसके साथ ही सीसी टीवी कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। जेसीपी के मुताबिक सोशल मीडिया पर निगरानी रखने का जिम्मा साइबर और सर्विलांस की टीम संभालेगी। पूजा पण्डाल और रामलीला समिति के साथ थाना स्तर पर भी समन्वय कायम किया रहेगा। जेसीपी ने बताया कि 133 जगह मूर्ति स्थापना, 121 पूजा पण्डाल, 54 रामलीला मंचन और 50 से अधिक जगह पर पुतला दहन हो रहा है।