Lucknow Police: बेटे ने मां के शव से मुंह मोड़ा और नहीं किया अंतिम संस्कार, तो खाकी ने निभाया पुत्र का फर्ज, जाने पूरा मामला
Lucknow Police: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दिल को छू लेने वाली खबर सामने आ रही है. यहां एक मां ने अपने बेटे के लिए जीवन भर पूरा प्यार लुटाया और उसे पाल-पोष के बड़ा किया लेकिन जब बेटे को मां का अंतिम संस्कार करन का वक्त आया तो उसने मुंह मोड़ लिया. इस पर लखनऊ की कृष्णानगर पुलिस ने बेटे वाला फर्ज निभाया और बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार किया.
ये है पूरा मामला
लखनऊ के मानकनगर के मेहंदी खेड़ा में रहने वाली 80 वर्षीय वृद्धा बीना रविवार को अचानक बीमार हुईं और उनको सांस लेने में दिक्कत होने लगा. इस पर उनका बेटा रामचंद्र उन्हें लेकर लोकबंधु अस्पताल पहुंचा, जहां, डाक्टरों ने उन्हें जनरल वार्ड में भर्ती कर लिया. इसके बाद वृद्धा का इलाज चला. सोमवार दोपहर इलाज के दौरान ही वृद्धा ने दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि वृद्धा की मौत की पुष्टि होते ही रामचंद्र वहां से निकलकर चला गया. इस बारे में उसने अस्पताल में भी किसी को जानकारी नहीं दी. तो वहीं काफी देर तक अस्पताल कर्मचारी उसकी तलाश करते रहें. भर्ती के समय दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो वह स्विच ऑफ बता रहा था. इसके बाद कृष्णानगर पुलिस को फोन कर सूचना दी.
इंस्पेक्टर ने निभाई बेटे की भूमिका
बता दें कि अस्पताल से सूचना मिलने के बाद इंस्पेक्टर कृष्णानगर विक्रम सिंह ने पुलिस टीम को वृद्धा के घर भेजा. तो मालूम हुआ कि वृद्धा का बेटा घर में ताला बंद कर जालंधर चला गया. स्थानीय लोगों से पूछताछ पर जानकारी हुई की वह जालंधर में नौकरी करता है. एक से डेढ़ माह पहले यहां आया था और यहां मजदूरी कर रहा था. अब घर पर ताला लगाकर चला गया. इसके बाद इंस्पेक्टर ने खुद ही वृद्धा के शव का पोस्टमार्टम कराने की जिम्मेदारी ली और मंगलवार दोपहर वीआइपी रोड स्थित शमशान घाट पर इंस्पेक्टर विक्रम सिंह, आजादनगर चौकी प्रभारी अजय यादव और अन्य पुलिस कर्मियों ने अर्थी को कंधा दिया और शमशान घाट लेजाकर अंतिम संस्कार किया. उनके इस कार्य की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है.