Lucknow:”वाहे गुरु” उद्घोष के साथ निकली श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी की पालकी यात्रा, 419वें प्रकाश पर्व का शुभारम्भ, वीडियो में देखें शबद-कीर्तन की सुंदर झलक

August 26, 2022 by No Comments

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लखनऊ। शुक्रवार को वाहे गुरु के उद्घोष के साथ साहिब श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी महाराज की पालकी यात्रा निकाली गई तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। चारो तरफ गुरु जी के जयकारे गूंज रहे थे। एक तरफ जहां पुरुष कंधे पर पालकी यात्रा को लेकर चल रहे थे तो दूसरी ओर महिलाओं और बच्चों में भी पालकी को कंधे पर उठाने की होड़ मची हुई थी।

इस दौरान पालकी यात्रा पर इत्र की बारिश की जा रही थी तो वहीं जगह-जगह पर पालकी यात्रा का फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया और लोगों ने गुरु ग्रंथ साहिब जी के सामने मत्था टेककर मन्नत मांगी।

ऐतिहासिक गुरूद्वारा श्री गुरु नानक देव जी, नाका हिण्डोला लखनऊ में धूमधाम के साथ गुरु ग्रंथ साहिब जी का 419वां पहला प्रकाश पर्व का शुभारम्भ शुक्रवार को हुआ तो सिख समाज ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। सेवक जत्थे एवं श्री गुरु सिंह सभा की ओर से में बड़ी श्रद्धा एवं सत्कार के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है। लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा और सिक्ख सेवक जत्थे के अध्यक्ष राजवंत सिंह बग्गा ने बताया कि प्रातः का दीवान 5.00 बजे आरम्भ हुआ जिसमें शबद कीर्तन गायन करते श्रद्धलुओं के पीछे फूलों की बरखा एवं सुगन्ध से भरे वातावरण में फूलों से सुसज्जित भव्य पालकी साहिब में विराजमान साहिब श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी महाराज को पुरूष, महिलाएं तथा बच्चे अपने कन्धों पर उठाकर वाहेगुरू का जाप कर रहे थे।

सुखमणि साहिब सेवा सोसायटी, दशमेश सेवा सोसायटी और सिक्ख यंग मेंस एसोसिएशन के सदस्यों ने भी गुरबाणी कीर्तन का गायन किया शबद चौकी के कार्यक्रम के उपरान्त श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी का प्रकाश दरबार हाल में फूलों और एवं बिजली की झालरों से सुसज्जित भव्य संगमरमर की पालकी में किया गया उसके उपरान्त श्री अखण्ड पाठ शुभारम्भ हुआ जो लगातार 48 घन्टे तक चलेगा तत्पश्चात भाई हजूरी रागी राजिन्दर सिंह जी ने अपनी मधुर वाणी में “सब सिक्खन को हुकुम है गुरू मान्यो ग्रंथ ” एवं पवित्र आसा दी वार का अमृतमयी शबद कीर्तन गायन किया।

ज्ञानी सुखदेव सिंह जी ने श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी की महिमा का व्याख्यान करते हुए बताया कि गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज का सबसे पहले प्रकाश गुरु अर्जन देव जी ने श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर साहिब में 1604 को किया था और बाबा बुड्ढा जी को पहला मुख्य ग्रंथि बनाया गया था। कार्यक्रम का संचालन सतपाल सिंह मीत ने किया। दीवान की समाप्ति के उपरान्त ब्रेड छोले, चाय नाश्ता का लंगर श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। बता दें कि तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन 28 अगस्त को होगा।