Lucknow University 69th Convocation: प्रधानमंत्री के प्रति कथित अभद्र भाषा का प्रयोग चिंता का विषय-बोलीं राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल

August 1, 2026 by No Comments

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Lucknow University 69th Convocation:  लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वां दीक्षांत समारोह भव्य तरीके से शुक्रवार को चौक स्थित अटल बिहारी वाजपेयी वैज्ञानिक कन्वेंशन सेंटर में मनाया गया. इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने समारोह की अध्यक्षता की और मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां एवं पदक प्रदान किया. इस दौरान बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी.

कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. जय प्रकाश (जे.पी.) सैनी के मार्गदर्शन में हुआ. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। शोभायात्रा के पश्चात विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगीत एवं विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत कर समारोह का शुभारंभ किया।

69वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने प्रस्तुत की. दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की ई-ऑफिस प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया, जिससे प्रशासनिक कार्य पूरी तरह पारदर्शी, दक्ष एवं पेपरलेस बन सकेंगे। प्रो. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने 18 नए महाविद्यालयों को संबद्धता प्रदान की है। साथ ही राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में विश्वविद्यालय के प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि इस वर्ष विश्वविद्यालय से 57,000 छात्र तथा 68,102 छात्राएं स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्राप्त कर रही हैं। इनमें 111 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 204 पदकों से सम्मानित किया गया, जिनमें 31 छात्र तथा 80 छात्राएं शामिल हैं।

वह आगे बोलीं कि छात्राओं की उल्लेखनीय सफलता और पदक विजेताओं में उनकी अधिक भागीदारी महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत की दिशा में देश की सकारात्मक प्रगति का प्रतीक है।

लखनऊ विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय को प्राप्त NAAC की A++ ग्रेड तथा अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के बढ़ते आवेदन और प्रवेश इसकी वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण हैं।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार की पहल

राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 83,562 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें 55,727 करोड़ रुपये उच्च शिक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि रोजगारोन्मुख शिक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT), मुंबई के सहयोग से देशभर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों एवं 500 महाविद्यालयों में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एवं कॉमिक्स (AVGC) कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण मिलेगा तथा रचनात्मक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आईआईटी को 12,123 करोड़ रुपये तथा एनआईटी को 6,260 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, तकनीक एवं कौशल विकास में निरंतर निवेश भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी के साथ ही उन्होंने प्रदेश भर के सभी विश्वविद्यालयों को रोजगारपरक शिक्षा देने की सलाह दी.

बालिकाओं के विरुद्ध बढ़ी यौन हिंसा

राज्यपाल ने बालिकाओं के विरुद्ध बढ़ती यौन हिंसा की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और कहा कि युवाओं से सतर्क रहने तथा अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि तकनीक ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन लाया है, लेकिन विद्यार्थियों को इसके सकारात्मक और नकारात्मक उपयोग के बीच अंतर समझना चाहिए। उन्होंने तकनीक का नैतिक एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी ताकि उसका लाभ समाज और राष्ट्र के हित में हो सके।

लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन जरूरी

राज्यपाल ने जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा प्रधानमंत्री के प्रति कथित अभद्र भाषा के प्रयोग की घटना पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में मूल्यों के क्षरण की ओर संकेत करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सही और गलत का विवेक विकसित करने तथा अपनी बात लोकतांत्रिक मर्यादा, अनुशासन और सम्मान के साथ रखने का आह्वान किया।

पदक वितरण एवं सम्मान समारोह

कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी के संबोधन के पश्चात दीक्षांत समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को पदक एवं उपाधियां प्रदान की गईं। इस वर्ष कुल 111 विद्यार्थियों को 204 पदकों से सम्मानित किया गया, जिनमें 31 छात्र तथा 80 छात्राएं शामिल रहीं। समारोह में 10 कुलाधिपति कांस्य पदक (Chancellor’s Bronze Medal) प्रदान किए गए।

इन पदकों से सम्मानित विद्यार्थियों में रिया गुप्ता (बी.ए.), अंशिका सिंह (बी.ए.), नीना पट्टू (बी.एससी.), तनुजा पट्टू (बी.कॉम.), के.एम. हुसैन (बी.कॉम.), मेधा द्विवेदी (बी.कॉम.), अन्विता वर्मा (बी.कॉम.), शुभम भारती (बी.वी.ए. प्रिंटिंग), निधि आरती श्रीवास्तव (एलएल.बी.) तथा कंचन श्रीवास्तव (बी.एड.) शामिल रहे। इन सभी विद्यार्थियों ने अपने-अपने पाठ्यक्रमों में सर्वोच्च शैक्षणिक उपलब्धि प्राप्त की।

कुलाधिपति रजत पदक (Chancellor’s Silver Medal) फराह चंद को बी.एससी. (लाइफ साइंसेज) की सर्वश्रेष्ठ छात्रा के रूप में प्रदान किया गया। उन्हें विश्वविद्यालय की सर्वश्रेष्ठ छात्रा (Best Woman Student) का कुलाधिपति रजत पदक भी मिला। इस प्रकार वे इस वर्ष दोनों कुलाधिपति रजत पदक प्राप्त करने वाली एकमात्र छात्रा रहीं।

दीक्षांत समारोह पूर्व छात्रा निधि श्रीवास्तव के लिए भी भावनात्मक अवसर बन गया। वर्ष 1996 में लोक प्रशासन (एम.ए.) की पढ़ाई पूरी करने के लगभग 30 वर्ष बाद वह अपने मातृ संस्थान लौटीं और उन्हें पांच स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।

इन शिक्षकों को मिला उत्कृष्टता पुरस्कार

प्रो. शशि भूषण, अध्यक्ष, सांख्यिकी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय
डॉ. नेहा अग्रवाल, रसायन विज्ञान विभाग, नवयुग गर्ल्स कॉलेज, लखनऊ
डॉ. सरिता सिंह, शारीरिक शिक्षा विभाग, अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज, लखनऊ
डॉ. मंजुल त्रिवेदी, शिक्षा विभाग, बी.एस.एन.वी. पीजी कॉलेज, लखनऊ

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