ये भी कहा कि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मै यहां अपनी शोक संवेदना प्रकट करने आया था.

स्थलीय चीजों को सुधारने के साथ कई बैठकों और कार्यों के संयोजन के बाद सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट (SSR) नैक में जमा की गई और इसी के बाद विश्वविद्यालय को बड़ी सफलता मिली.

विश्वविद्यालय उत्कृष्टता की अपनी यात्रा जारी रखने और भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कॉलेज के एक फैकल्टी सदस्य की देखरेख में ये पूरा कार्य किया जा रहा है और प्रिंसिपल की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, रिसर्च की प्रक्रिया जारी है.

तीसरे दिन, इस आयोजन को लखनऊ विश्वविद्यालय के चीफ प्रोवोस्ट प्रोफेसर अनूप कुमार सिंह और डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर वी.के. शर्मा की उपस्थिति से सम्मान मिला।

कार्यक्रम में कृषि, स्वास्थ्य, बायोटेक्नोलॉजी, मेडटेक, लाइफसाइंस के क्षेत्र में कार्य कर रहे पूरे प्रदेश के स्टार्टअप, शोध छात्र, अन्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।