Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय का प्रतिनिधि मंडल श्रीलंका रवाना, जानें क्या है इस यात्रा का उद्देश्य
Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आलोक कुमार राय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल रविवार को पांच दिवसीय यात्रा पर श्रीलंका के लिए रवाना हो गया है। इस यात्रा का उद्देश्य दक्षिण एशिया में शैक्षिक संबंधों को मजबूत करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के व्यापक परिप्रेक्ष्य में लखनऊ विश्वविद्यालय के अकादमिक कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार करना है।
कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने इस अभियान को “दक्षिणा पथ: संवाद एवं समन्वय” नाम दिया है. इसका उद्देश्य कोलंबो में भारतीय उच्चायोग के संयोजन एवं सलाह से श्रीलंका के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है। इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधि मंडल श्रीलंकाई विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग, संचार एवं समन्वय स्थापित करते हुए वहां रह रहे पूर्व छात्रों के साथ एलुमनी कनेक्ट का भी आयोजन करेगा. इससे श्री लंका में रह रहे लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को संवाद स्थापित करने का एक मंच मिलेगा।
प्रतिनिधि मंडल लखनऊ विश्वविद्यालय के अकादमिक कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार भी करेगा, जिससे श्रीलंका के छात्रों को लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के अवसरों के बारे में जानकारी मिल सके। इस यात्रा से दोनों देशों के शैक्षिक संस्थानों के बीच सहयोग और आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
इस यात्रा को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने बताया कि दक्षिणा पथ: संवाद एवं समन्वय” का प्रमुख उद्देश्य श्रीलंका के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना,लखनऊ विश्वविद्यालय के अकादमिक कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार करना लखनऊ विश्वविद्यालय से पढ़े श्री लंकाई छात्र छात्राओं को जोड़ते हुए पूर्व छात्र संवाद का आयोजन करना और पूर्व छात्रों के साथ जुड़ना तथा दोनों देशों के शैक्षिक संस्थानों के बीच सहयोग और आदान-प्रदान को बढ़ावा देना आदि है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत और श्री लंका के साथ पूर्वकाल से ही प्रगाढ़ सांस्कृतिक एवं भू राजनैतिक संबंध रहे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय का यह प्रतिनिधि मंडल श्रीलंका की यात्रा पर जा रहा है, जिससे दोनों देशों के शैक्षिक संस्थानों के बीच सहयोग और आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। हमें विश्वास है कि यह यात्रा न सिर्फ लखनऊ विश्वविद्यालय एवं श्रीलंका के विश्वविद्यालयों के लिए नए अवसरों को खोलेगी और इसके अकादमिक कार्यक्रमों को और अधिक मजबूत बनाएगी, अपितु शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न घटकों के लिए उपयोगी तथ्यों एवं जानकारी जुटाएगी। साथ ही इस अभियान के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विषय में भी श्री लंकाई शिक्षण संस्थाओं को अवगत कराया जाएगा।
ये भी पढ़ें-PM मोदी ने अंतरिक्ष में बैठे शुभांशु शुक्ला से की इस तरह बात…खिलखिला उठा पूरा देश-Video