Maha Shivratri-2023: महाशिवरात्रि पर शिव जी को अर्पित करें अनार का फूल, प्रसन्न होंगी लक्ष्मी जी, दूर होगी आर्थिक तंगी, देखें 6 उपाय
महाशिवरात्रि विशेष: फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि सृष्टि के प्रारम्भ में इसी दिन मध्य रात्रि में भगवान शंकर का ब्रह्मम से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था. इसी के साथ प्रलय बेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव ने सती के वियोग में महाताण्डव करते हुए ब्राह्मण्ड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर दिया था. इसीलिए इस दिन को महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि कहा गया.
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि, शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव सबसे पहले महाशिवरात्रि तिथि पर ही शिवलिंग के रूप में सामने आए थे. इसी मान्यता के चलते हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करते हुए महाशिवरात्रि मनाई जाती है. दूसरी धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इस दिन महाशिवरात्रि का व्रत रखने और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने पर वैवाहिक जीवन में आने वाली सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाती है, लेकिन ध्यान रखें कि महाशिवरात्रि पर पूरे श्रद्धा भाव से इस दिन मां पार्वती और शिव जी की पूजा करें तभी मनोकामना पूरी होगी.
शनिवार को महाशिवरात्रि का अद्भुत कनेक्शन
पंचांग के अनुसार इस साल 2023 में महाशिवरात्रि 18 फरवरी, दिन शनिवार को पड़ रही है. बात करें इसके शुभ मुहूर्त की तो फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 18 फरवरी को रात 8 बजकर 2 मिनट से शुरू हो रही है. वहीं इसका समापन अगले दिन 19 फरवरी को शाम 4 बजकर 18 मिनट पर होगा.
आर्थिक तंगी दूर करने को करें ये उपाय
अगर करियर या व्यापार में परेशानी चल रही है तो महाशिवरात्रि के दिन व्रत रख कर, शिवलिंग पर शहद से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए.
नौकरी में परेशानी है तो शिवलिंग पर अनार का फूल भी अर्पित करना चाहिए.
महाशिवरात्रि के दिन चांदी के पात्र में जल भरते हुए इसकी धारा से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हुए ॐ नमः शिवाय और ॐ पार्वतीपत्ये नमः मंत्र का 108 बार जाप करने से आर्थिक उन्नति होती है.
महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ का दही से रुद्राभिषेक करने से धन धान्य में वृद्धि होती है.
भगवान भोलेनाथ का गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने से धन के आगमन के मार्ग बनते हैं.
वहीं शिवलिंग का शहद और घी से अभिषेक करने पर भी धन लाभ होता है.
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)