New Parliament Building Inauguration: “भाजपा ने मान लिया है कि अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है”, नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर बोले सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सुर में सुर मिलाया स्वामी प्रसाद मौर्य ने
New Parliament Building Inauguration: नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर छिड़े सियासी संग्राम में एक बार फिर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने मान लिया है कि अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है. तो उनके साथ ही सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी सुर में सुर मिलाया है और प्रधानमंत्री का विरोध किया है.
इस सम्बंध में उन्होंने ट्विट करते हुए कहा कि, “सेंगोल सत्ता के हस्तांतरण (एक-हाथ से दूसरे हाथ में जाने) का प्रतीक है… लगता है भाजपा ने मान लिया है कि अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है.” इससे पहले उन्होंने 24 मई को ट्विट करते हुए कहा था कि, “भाजपाईयों द्वारा संसद के दिखावटी उद्धाटन से नहीं, बल्कि वहाँ पर लिखे ‘श्लोकों’ की मूल भावना को समझकर, सभी को सुनने व समझने का बराबर अवसर देना ही सच्ची संसदीय परंपरा है। जहाँ सत्ता का अभिमान हो परंतु विपक्ष का मान नहीं, वो सच्ची संसद हो ही नहीं सकती, उसके उद्धाटन में क्या जाना।”
तो वहीं उनके सुर में सुर मिलाते हुए सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने ट्विट करते हुए कहा है कि, “सेंगोल राजदंड, राजतंत्र का प्रतीक था। आज देश में लोकतंत्र है, लोकतंत्र में राजतंत्र के प्रतीक सेंगोल का क्या काम? सेंगोल के प्रति भाजपा सरकार की दीवानगी इस बात का प्रमाण है कि इसको लोकतंत्र में विश्वास नहीं है इसलिए भाजपा लोकतंत्र से हटकर राजतंत्र के रास्ते पर जा रही है जो लोकतंत्र के लिये खतरे की घंटी है।”
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन किया जा रहा है, जो कि किसी भी विपक्षी दल के नेता को रास नहीं आ रहा है. सभी चाहते हैं कि समारोह में राष्ट्रपति को बुलाना चाहिए और उनके हाथों से ही इसका उद्घाटन कराना चाहिए. इस सम्बंध में राहुल गांधी पहले ही विरोध जता चुके हैं.
जानें नए संसद भवन की खास बातें
नया संसद भवन 64,500 वर्ग मीटर है. यह त्रिकोणीय आकार की चार मंजिला इमारत है.
नए संसद भवन का निर्माण कार्य 15 जनवरी 2021 को शुरू हुआ था. इसमें एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष और भोजन कक्ष है.
टाटा प्रोजेक्ट्स ने 970 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से नए संसद भवन का निर्माण किया है.