रेगिस्तानी हवा से एकत्र हो जाएगा पानी…जीवन को बेहतर बनाने की खोज के लिए रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला इन वैज्ञानिकों को
Nobel Prize Winner in Chemistry: स्वीडन की रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने केमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी है. यानी 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर एम. याघी को दिया जाएगा. इनको यह पुरस्कार “धातु-कार्बनिक ढांचे के विकास के लिए” दिया गया है. पुरस्कार 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में दिए जाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिचर्ड रॉबसन मेलबर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया, सुसुमु कितागावा जापान के क्योतो विश्वविद्यालय और याघी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले,संयुक्त राज्य अमेरिका में कार्य करते हैं.
क्यों दिया जा रहा है ये पुरस्कार?
बता दें कि रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार हर साल उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है जिन्होंने ऐसी खोज की हो जो जिंदगी या पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान देती है। तो वहीं पुरस्कार विजेताओं ने एक नए प्रकार की आणविक संरचना को विकसित कर नई खोज की. इसकी मदद से रेगिस्तानी हवा से पानी एकत्र किया जा सकता है.विजेता वैज्ञानिकों ने मेटल-कार्बनिक फ्रेमवर्क (MOF) को बेहतर बनाने का नया तरीका खोज निकाला है। फ्रेमवर्क मेटल और कार्बनिक चीजों से मिलकर बनते हैं और इनमें छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। शोधकर्ताओं ने इनका उपयोग रेगिस्तानी हवा से पानी इकट्ठा करने, पानी से प्रदूषण निकालने, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने और हाइड्रोजन को संग्रहीत करने के लिए किया है।
इसके अलावा इनका इस्तेमाल गैस स्टोर करने, हवा से कार्बन डाइऑक्साइड हटाने और रासायनिक प्रक्रियाओं में मदद करने के लिए हो सकता है। इसके बारे में पूरी जानकारी https://www.nobelprize.org/ में दी गई है.
विशेषज्ञों की राय
वैज्ञानिकों की इस खोज को लेकर एकेडमी के विशेषज्ञों का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया है कि ये ऐसे एटम्स/मॉलिक्युल्स हैं जो हैरी पॉटर की कैरेक्टर हरमाइन ग्रेंजर के हैंड बैग में रखे जा सकते हैं।
क्या मिलता है पुरस्कार में?
बता दें कि रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार में विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (10.3 करोड़ रुपए) के साथ सोने का मेडल और सर्टिफिकेट मिलेगा। अगर एक से ज्यादा वैज्ञानिकों ने इस पुरस्कार को जीता है तो यह प्राइज मनी उनके बीच बंट जाती है।
2017 में इनको मिला था सम्मान
तो वहीं https://www.nobelprize.org/ में दी गई एक जानकारी के मुताबिक इस पुरस्कार से रसायन क्षेत्र में सम्मानित होने वाले सबसे बुर्जुग वैज्ञानिक 97 साल के गुडइनफ थे। उनको ये सम्मान 2017 में मिला था. तो वहीं 35 साल के फ्रेडरिक जोलिएट को 1935 में इस पुरस्कार से नवाजा गया था. इस पुरस्कार के इतिहास में वह अब तक के सबसे कम उम्र में ये सम्मान हासिल करने वाले शख्स बन गए।
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