Jagannathpuri: जगन्नाथपुरी रथयात्रा पर भगवान के प्रति अनोखी श्रद्धा के लिए पिता-पुत्री हुए वायरल, देखें भजन के वायरल वीडियो, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खींचा रथ, जानें परम्परागत कितना ऊंचा और कितना लम्बा होता है रथ
शुक्रवार को जहां एक ओर ओडिशा में जगन्नाथजी की रथयात्रा निकल रही थी, वहीं सोशल मीडिया पर पिता और पुत्री अपनी अनोखी कला व भक्ति के लिए वायरल हो रहे थे। उनकी पोस्ट को हजारों में रिट्वीट किया गया। तो वहीं शाम को ओडिशा के CM नवीन पटनायक, राज्यपाल गणेश लाल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी यात्रा में शामिल हुए और रथ को खींचा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें रथ खींचने का मौका मिला।
बता दें कि देश के जाने-माने रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक (Sudarsan Pattnaik) हैं, जो अपने हाथ के जादू से रेत की मदद से एक से बढ़कर एक आकृति उकेरा करते हैं, जिससे किसी की भी नजर नहीं हटती। इसी तरह उन्होंने जगन्नाथपुरी रथयात्रा के मौके पर पुरी बीच पर भगवान जगन्नाथजी को उकेर कर सब का ध्यान आकर्षित किया तो वहीं उनकी बेटी ने भगवान जगन्नाथ जी का पहला हिंदी भजन गाकर खूब लोकप्रिय हुईं। बता दें कि सुदर्शन अंतरराष्ट्रीय रेत कलाकार हैं (International Sand Artist), जो कि उड़ीसा के पुरी के रहने वाले हैं। उनके इस कार्य के लिए पद्मश्री से सम्मानित भी किया जा चुका है।
देखें रथ की विशेषता
भगवान जगन्नाथजी का रथ प्रतिवर्ष नया बनाया जाता है। रथ की ऊंचाई 45 फुट, लम्बाई 35 फुट होती है और इतना ही चौड़ा होता है। रथ में सात फुट व्यास के 16 पहिए लगाए जाते हैं। बलभद्र जी का रथ 44 फुट ऊंचा होता है और 12 पहिए लगाए जाते हैं। सुभद्रा जी का रथ 43 फुट ऊंचा होता है और उसमें 12 पहिए लगाए जाते हैं। मंदिर के सिंह द्वार पर भगवान को रथों पर विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए ले जाया जाता है। इस रथ की खास बात ये होती है कि इसे घोड़ों द्वारा नहीं खींचा जाता बल्कि भक्त ही रथ को रस्सी के माध्यम से खींचते हैं।