“अगले मिशन के लिए हम तैयार हैं…” इंडियन नेवी ने पाकिस्तान को दी चेतावनी; बताया क्या था ऑपरेशन सिंदूर का टारगेट-Video

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Operation Sindoor: भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को संघर्ष विराम हुआ था लेकिन इसके कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान की ओर से फिर से ड्रोन हमले किए गए थे जिसका भारतीय सेना ने बखूबी जवाब दिया था लेकिन 11-12 मई की रात पाकिस्तान की ओर से कोई हमला नहीं हुआ जम्मू-कश्मीर और LoC से सटे अन्य इलाकों में काफी हद तक शांति बनी रही.

पहलगाम हमले और फिर भारत द्वारा 6-7 मई की रात चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार बॉर्डर पर पड़ोसी देश की तरफ से कोई हरकत नहीं की गई.

तो वहीं आज शाम को एक बार फिर से भारतीय सेना ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी तमाम जानकारी देश के साथ साझा की. इंडियन नेवी ने देश के सामने ये बात स्पष्ट की कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत उसने समंदर से पाकिस्तान के ठिकानों को तबाह करने की पूरी तैयारी कर ली थी और कराची भी निशाने पर था.

वहीं प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एयर मार्शल ए.के. भारती ने रामचरितमानस की चौपाई पढ़ते हुए कहा “…मैं आपको रामचरित मानस की कुछ पंक्तियां याद दिलाऊंगा, याद कीजिए वह पंक्ति- ‘विनय न माने जलधि जड़, गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति’। यानी समझदार के लिए इशारा काफी है।”

हमारा काउंटर यूए सिस्टम है

पाकिस्तान द्वारा तुर्की के ड्रोन इस्तेमाल करने को लेकर एयर मार्शल ए.के. भारती ने इससे पहले कहा कि जहां तक ​​तुर्की के ड्रोन का सवाल है, आपने देखा है कि हमने तस्वीरें दिखाई हैं, चाहे वे तुर्की के ड्रोन हों या कहीं और के ड्रोन हों, हमारा काउंटर UA सिस्टम, हमारे प्रशिक्षित एयर डिफेंस ऑपरेटर पूरी तरह सक्षम हैं और हमारे देश के पास काउंटर UA सिस्टम की स्वदेशी क्षमता है. उन्होंने आगे कहा कि इसने दिखाया है कि चाहे किसी भी तरह की तकनीक आए, हम उसका मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

ये दूसरी तरह का वार था

एयर मार्शल ए.के. भारती ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों को लेकर कहा कि ये वॉर दूसरी तरह का था. ऐसा होना ही था। उन्होंने आगे कहा कि अगली जब भी लड़ाई होगी…इसी के साथ ही वह बोले कि भगवान करे लड़ाई न हो लेकिन अगर हुई तो ये पिछली की तरह नहीं होगी। हर एक लड़ाई एक अलग तरीके से लड़ी जाती है.

सभी उपकरण चालू है

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एयर मार्शल ए.के. भारती ने पाकिस्तान और आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा कि “मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि हमारे सभी सैन्य अड्डे और सभी उपकरण और प्रणालियां चालू हैं और आवश्यकता पड़ने पर अपने अगले मिशन के लिए तैयार व तत्पर हैं।”

सेना के साथ ही निर्दोष लोगों पर भी हो रहा है हमला

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकी गतिविधियों के कैरेक्टर में बदलाव आ रहा था, अब हमारी सेना के साथ-साथ निर्दोष लोगों पर भी हमला हो रहा था। उन्होंने पुराने आतंकी हमलों को याद कराते हुए कहा कि 2024 में शिवखोड़ी मंदिर की ओर जाने वाले तीर्थयात्री और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटक।

पहलगाम तक उनका पाप का घड़ा भर चुका था. क्योंकि आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे, हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का हमला भी सीमा पार से ही होगा, इसलिए हमने एयर डिफेंस की तैयारी कर रखी थी.

उन्होंने आगे कहा कि जब 9-10 मई को पाकिस्तान की वायुसेना ने हमारे एयर फील्ड और लॉजिस्टिक इंस्टॉलेशन पर हमला करना शुरू किया तो वे इस मजबूत एयर डिफेंस ग्रिड के सामने सफल नहीं हो सके और उनको मुंह की खानी पड़ी. इससे पहले उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की एयर डिफेंस कार्रवाई को हमें एक संदर्भ में समझने की जरूरत है।

पाकिस्तानी सेना ने दिया आतंकियों का साथ

एयर मार्शल ए.के. भारती ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए देश-दुनिया के सामने ये बात साफ तौर पर रखी कि पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का साथ दिया, जबकि भारत का मकसद केवल आतंकियों के खिलाफ लड़ना था. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा निशाना बनाए गए लक्ष्यों की समग्र तस्वीर पेश की गई है.

वह आगे बोले कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ थी इसलिए हमने 7 मई को केवल आतंकवादी ठिकानों पर ही हमला किया था लेकिन अफसोस इस बात का है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों का साथ देना उचित समझा और इस लड़ाई को अपनी लड़ाई बना लिया. उन्होंने आगे कहा कि ऐसी परिस्थिति में हमारी जवाबी कार्रवाई बहुत जरूरी थी और लड़ाई के दौरान उनका जो भी नुकसान हुआ है. इसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार हैं. हमारी एयर डिफेंस सिस्टम देश के लिए दीवार की तरह खड़ी थी और इसको भेदना दुश्मन के लिए नामुमकिन था.

ये लक्ष्य थे टारगेट पर

भारतीय नौसेना के डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशन्स (DGNO) वाइस एडमिरल वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा कि हमने ऐसे ठिकानों को लक्ष्य बनाने की तैयारी कर रखी थी, जिन पर जरूरत पड़ने पर हमला किया जा सके. आतंकी हमले के 96 घंटों के भीतर अरब सागर में कई हथियार परीक्षणों के दौरान हमने अपनी रणनीति और संचालन प्रक्रियाओं को परखा और बेहतर किया. इससे पहले उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय नौसेना की कैरियर बैटल ग्रुप के साथ ही सतह से लड़ने वाली यूनिट्स और पनडुब्बियां व नौसैनिक विमानन संसाधन को युद्ध की पूरी तैयारी के साथ समुद्र में तैनात कर दिया गया था. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की पूरी रणनीति को लेकर बताया कि भारतीय नौसेना की ताकतवर मौजूदगी ने पाकिस्तान को उसकी नौसेना और वायुसेना को बंदरगाहों और तटीय इलाकों तक सीमित रहने को मजबूर कर दिया क्योंकि इन पर हम लगातार नजर रख रहे थे.

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