बर्बाद हो जाएगा पाकिस्तान…! भारत का एक और बड़ा कदम; बौखलाए शहबाज शरीफ ने दी युद्ध की धमकी-Video
Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद से मोदी सरकार लगातार पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन ले रही है. पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने के लिए सिंधु जल संधि खत्म करने के साथ ही पाकिस्तानी राजनयिकों से 7 दिनों के अंदर देश छोड़ने के लिए भी भारत ने कह दिया है.
इसी के साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने के लिए कहा है. साथ ही अटारी–वाघा बॉर्डर चेकपोस्ट बंद की गई है और पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द कर दिया गया है तो दूसरी ओर भारत के सख्त कदम के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. तो वहीं भारत सरकार ने एक और बड़ा फैसला किया है. बीएसएफ पंजाब में भारत-पाक सीमा पर अटारी, हुसैनीवाला और सादकी में रिट्रीट समारोह को बंद कर दिया है. बीएसएफ ने पाक रेंजर्स के साथ प्रतीकात्मक हाथ मिलाना स्थगित कर दिया है. यानी अब भारत-पाक सीमा पर रिट्रीट समारोह के दौरान सीमा द्वार बंद रहेंगे.
Morning visuals from the Attari Integrated checkpost in Punjab’s Amritsar. In the wake of the horrific #PahalgamTerroristAttack, the government of India has decided to close the integrated checkpost #Attari with immediate effect.
Those (Pakistani nationals) who have crossed… pic.twitter.com/muXm3Rh6Si
— DD News (@DDNewslive) April 24, 2025
पाकिस्तान ने कहा माना जाएगा युद्ध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहबाज शरीफ की सरकार ने सीसीएस की बैठक बुलाई है. तो वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को गीदड़भभकी दी है और कहा है कि अगर पाकिस्तान का पानी रोका गया तो इसे युद्ध माना जाएगा.
बता दें कि हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सउदी की दो दिवसीय यात्रा बीच में ही छोड़कर भारत लौट आए थे और तभी से लगातार बैठकें कर रहे हैं. पीएम की अध्यक्षता में बुधवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई, जिसमें भारत ने सिंधु जल संधि को रोकने का निर्णय लिया है।
इसके बाद माना जा रहा है कि पाकिस्तान की फसलें बर्बाद हो जाएगी और पाकिस्तान भुखमरी की कगार पर आ जाएगा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अधिकारी शामिल रहे.
#BreakingNews | In the wake of the recent tragic attack in #Pahalgam, a calibrated decision has been taken to scale down the ceremonial display during the Retreat Ceremony at #Attari, Hussainiwala and Sadki in Punjab.
The key changes include: 1) Suspension of the symbolic… pic.twitter.com/bUwuj1zruq
— DD News (@DDNewslive) April 24, 2025
पहले से ही बर्बाद पाकिस्तान पर अब ये होगा असर
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के पूर्व सदस्य मेजर जनरल डॉ. जे. के. बंसल का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया है कि अगर भारत सिंधु जल संधि को खत्म कर देता है तो पाकिस्तान बहुत कमजोर पड़ जाएगा. खेती बर्बाद हो जाएगी. पाकिस्तान में पहले से ही अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और जब उसे पानी ही नहीं मिलेगा तो वो अनाज पैदा नहीं होगा और पाकिस्तान भुखमरी की ओर चला जाएगा.
भारत में इलाज भी नहीं करा सकेंगे पाकिस्तानी
डा. बंसल ने अपने बयान में ये भी कहा है कि भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों का वीजा भी रद्द कर दिया है और अगर भविष्य में भी वीजा नहीं दिया जाता है तो पाकिस्तानी मरीज जो कि भारत में सस्ते और उन्नत इलाज के लिए आते थे, वे अब भारत नहीं आ सकेंगे. इससे उनको ठीक इलाज भी नहीं मिलेगा. तो वहीं पाकिस्तान के राजनयिकों की संख्या घटाकर 30 कर दी गई है।
जानें क्या है सिंधु जल समझौता
बता दें कि सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक समझौता है जो कि 1960 में हुआ था। इस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में विश्व बैंक ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इस जल संधि का उद्देश्य दोनों देशों के बीच नदियों के जल बंटवारे की शर्तें तय करना था. इसी के साथ ही विवाद को खत्म करना भी इसका लक्ष्य था लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा भारत पर छुपछुपाकर आतंकवादी हमला करवाता रहा है.
80 प्रतिशत सिंचाई निर्भर है सिंधु जल प्रणाली पर
पाकिस्तान की लगभग 80 प्रतिशत कृषि सिंचाई सिंधु जल प्रणाली पर निर्भर है। बता दें कि सिंधु नदी प्रणाली के तहत कुल छह नदियों को शामिल किया गया हैं, जिनमें तीन पूर्वी नदियां रावी, ब्यास, सतलुज और तीन पश्चिमी नदियां सिंधु, झेलम, चिनाब हैं। इस समझौते के अंतर्गत भारत को पूर्वी नदियों के उपयोग के साथ ही नियंत्रण का अधिकार प्राप्त है तो वहीं पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों का अधिकार मिला है. अगर सिंधु जल समझौते पर भारत लगातार रोक जारी रखता है तो पाकिस्तान में सिंधु नदी में पानी नहीं पहुंच पाएगा और इस तरह से पाकिस्तान में भारी जल संकट घिर जाएगा जिससे वहां की खेती बर्बाद हो जाएगी.
सिंधु नदी में ही हैं कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट
बता दें कि पाकिस्तान में पहले से ही ऊर्जा का संकट गहराया हुआ है तो वहीं अब सिंधु नदी का पानी रोके जाने के बाद और संकट गहराने की सम्भावना है क्योंकि सिंधु नदी से जुड़े कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पाकिस्तान में हैं। पानी की कमी से इनका उत्पादन ठप पड़ जाएगा. तो दूसरी ओर पाकिस्तान के पंजाब और सिंध क्षेत्रों के निवासी इस नदी पर पीने के पानी के लिए भी निर्भर हैं. ऐसे में पानी रोके जाने के बाद पानी की किल्लत बढ़ जाएगी.