Navratri-2022: नवरात्र की अष्टमी पर पढ़ें मां दुर्गा के नौ रूपों की अवतार कथाएं, पूर्ण होगा व्रत-पूजन, जानें मां भगवती का क्या है वास्तविक भोग, इस लेख में पढ़ें योगमाया, रक्तदन्तिका, शाकम्भरी, भ्रामरी से लेकर नौ रूपों की नौ कथाएं
नवरात्र स्पेशल। नवरात्र की अष्टमी आश्विन शुक्ल अष्टमी को मनायी जाती है। इसे दुर्गाष्टमी कहते हैं। इस बार दुर्गाष्टमी 3 अक्टूबर को पड़ रही है। नवरात्र की पूर्णाहुति कभी अष्टमी तो कभी नवमी को की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां दुर्गा के सभी 9 रुपों की कथा पढ़ने से पूरे नौ दिन की पूजा का लाभ प्राप्त हो जाता है। तो इस लेख में मां के नौ स्वरूपों की कथा यहां दी जा रही है।
मां दुर्गा को ये लगाए भोग में और कन्याओं का करें पूजन
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि मान्यता है कि मां भगवती को उबले चने, हलुआ-पूरी, खीर, पुए आदि पसंद है। इसीलिए इसी का भोग लगाया जाता है। इस दिन देवी दुर्गा की मूर्ति का मंत्रों से विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए। मां को प्रसन्न करने के लिए हवन भी करना चाहिए। इस दिन भारत के सभी शक्तिपीठों में बहुत बड़ा उत्सव मनाया जाता है। इसी दिन कन्याओं का पूजन कर कन्या भोज कराया जाता है। कन्याओं के साथ एक लंगुरा (बालक) को भी भोज करना चाहिए।
प्राचीन हिंदू शास्त्रों के मुताबिक देवी दुर्गा के नौ रूप माने गए हैं। उन सभी रूपों की अवतार कथाएं यहां दी जा रही हैं।
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