शुभांशु शुक्ला ने अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर पहुँचकर रचा इतिहास…हिंदी में कही ये गर्व करने वाली बात-Video
Shubhanshu Shukla in International Space Station: भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु ‘शुक्स’ शुक्ला अपने अन्य साथियों के साथ स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल यानी अंतरिक्ष यान के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गए हैं. इसी के साथ ही उन्होंने नया इतिहास रच दिया है क्योंकि यह पहली बार है जब कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा पर गया है.
बता दें कि अंतरिक्ष यान करीब 28.5 घंटे की यात्रा के बाद 26 जून गुरुवार को भारतीय समय के अनुसार शाम करीब 4:01 बजे आईएसएस से जुड़ा। डॉकिंग अनुक्रम भारतीय समयानुसार शाम 4:15 बजे पूरा हुआ। तो वहीं अंतरिक्ष यान के सॉफ्ट कैप्चर के बाद हार्ड-मेटिंग तब पूरी हुई जब दोनों ऑर्बिट बॉडी 12 हुक के सेट के साथ एक दूसरे से जुड़ गई और उनके बीच संचार और पावर लिंक स्थापित किए गए।
इसी के साथ ही पूरे भारत के साथ ही लखनऊ के जाने-माने स्कूल सिटी मोन्टेसरी स्कूल (CMS) में जश्न मनाया गया. दरअसल शुभांशु शुक्ला ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा इसी स्कूल से प्राप्त की है. तो वहीं शुभांशु शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें अपनी मातृ भाषा हिंदी में बता रहे हैं कि वह अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गए हैं और उनको कैसा महसूस हो रहा है. इसी के साथ ही वह जय हिंद और जय भारत भी कहते हुए दिख रहे हैं. उनकी पूरी बात सुनने के लिए इस लेख के साथ दिए गए वीडियो को अवश्य देखें.
Message from Sir Shubhanshu Shukla to Indians after reaching International space station 🫡🇮🇳#shubhanshushuklainspace #Axiom4Mission pic.twitter.com/C3CWEphOAS
— Explorer (@VishalS80242581) June 26, 2025
बता दें कि जैसे ही ग्रुप कैप्टन शुभांशु ‘शुक्स’ शुक्ला का स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर अन्तर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आई.एस.एस.) से सफलतापूर्वक जुड़े वैसे ही होनहार फाइटर पायलट से एक गर्वित भारतीय अंतरिक्ष यात्री के रूप में शुभांशु शुक्ला तब्दील हो गये। शुभांशु अब एक्सिओम-4 मिशन के पायलट के तौर पर मनुष्यों द्वारा बनाई गई सबसे उन्नत प्रयोगशाला ‘अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन’ पर सवार है और उनके साथ नासा की वरिष्ठ अंतरिक्ष यात्री डा. पेगी व्हिट्सन के साथ ही पोलैंड व हंगरी के सदस्य भी हैं।
सीएमएस ने इस तरह मनाया जश्न
शुभांशु की इस गौरवमयी व प्रेरणादायी उपलब्धि का जश्न आज सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में बड़े उत्साह से मनाया गया। जैसे ही शुभांशु का ड्रैगन कैप्सूल अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन से जुड़ने को तत्पर हुआ,समस्त लखनऊवासियों में एक बार फिर से भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस में शुभांशु के अन्तरिक्ष यान की डाकिंग का सजीव प्रसारण देख रहे उनके माता-पिता व बहनों के साथ ही बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र, शिक्षक, अभिभावक व प्रबुद्ध नागरिक इन अविस्मरणीय पलों को अपनी यादों में सहजने को बेचैन दिखे।
शुभांशु के अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन में प्रवेश करते सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम तालियों की जोरदार गड़गड़ाहट,जय-जयकार के नारे व उत्साह व हर्ष की ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा, जो इस बात का प्रतीक भी था कि डाकिंग की सम्पूर्ण प्रक्रिया सफल हो गई है। लगभग 24 घंटे पहले ही सभी ने सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में सजीव प्रसारण के जरिये शुभांशु को अन्तरिक्ष में प्रक्षेपित होते हुए भी देखा था।
“Technology wins”
Captain Shubhanshu Shukla and team on Axiom 4 Mission.#SpaceX #shubhanshushuklainspace #NASA #indian pic.twitter.com/AGtIGJrAka
— Subhankar Das (@subhankaravi1) June 25, 2025
डाकिंग के उपरान्त आयोजित छात्रों व शिक्षको को सम्बोधित करते हुए सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि सितारों ने हमारे ही एक सदस्य को गले लगा लिया है। शुभांशु शुक्ला की कहानी हर एक बच्चे को प्रेरणा देती है कि यदि आपकी जड़ें गहरी हैं, तो आपके पंख आपको अंतरिक्ष तक ले जा सकते हैं। सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी ने कहा कि सी.एम.एस. की कक्षाओं से लेकर अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन तक की शुभांशु की यह यात्रा अद्वितीय है। शुभांशु अब मात्र सी.एम.एस. के पूर्व छात्र ही नहीं हैं अपितु अब वे पूरी पीढ़ी के लिए आदर्श बन गये हैं।
शुभांशु का यह 14-दिवसीय एक्सिओम मिशन अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर शून्य गुरुत्वाकर्षण में विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेगा, जिसमें मानव शरीर विज्ञान, सेलुलर जीव विज्ञान, अंतरिक्ष पोषण और बीज अंकुरण पर शोध शामिल है। ये शोध आगे चलकर लंबी अवधि की अंतरिक्ष यात्रा और आगामी चंद्रमा और मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
Shubhanshu Shukla becomes first Indian to enter ISS, says “Privilege to be amongst few to see Earth from this vantage point”
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— ANI Digital (@ani_digital) June 26, 2025
लेकिन विज्ञान से परे आज की घटना एक शानदार सांस्कृतिक जीत का प्रतीक है – एक भारतीय नागरिक, एक सरकार द्वारा प्रशिक्षित पायलट, एक स्थानीय स्कूल का छात्र, अब अंतरिक्ष में मानवता के साझा भविष्य का सह-पायलट है। जैसे-जैसे शाम ढल रही थी सी.एम.एस. के प्रांगण में उपस्थिति हर एक छात्र की निगाहें ऊपर आसमान की ओर लगी हुई थी क्योंकि उन्हें पता था कि उनका कोई अपना ऊपर अन्तरिक्ष में मौजूद है।