अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक की सामने आई पहली प्रतिक्रिया…सरकार ने दिए तीन लिखित आश्वासन, मान ली गईं ये मांगें-Video
Sonam Wangchuk News: नीट पेपर लीक सहित कई परीक्षाओं में सामने आई लापरवाही के खिलाफ शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए भूख हड़ताल पर बैठे समाजसेवी सोनम वांगचुक ने 26वें दिन अनशन तोड़ दिया है. हालांकि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया है लेकिन सरकार ने तीन लिखित आश्वासन दिए हैं तो वहीं सोनम वांगचुक ने वीडियो जारी कर देश को संदेश दिया है.
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर अनशन समाप्त किया. इसी के साथ ही वायरल वीडियो में वह बताते हुए दिख रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के शीर्ष नेता उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे. इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किया था और सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने का अनुरोध किया था.
#WATCH | Activist Sonam Wangchuk says, “Today, on the 26th day, I would like to share some important news with you. It’s about 12:30 at night. Just a while ago, Union Ministers JP Nadda and Jitendra Singh came here, and the top leaders of the Apex Body of Ladakh also came here.… pic.twitter.com/NRktzrW9oe
— ANI (@ANI) July 24, 2026
तो वहीं मंत्रियों व सांसदों ने उन्हें नीट (NEET) पेपर लीक और देश की परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर संसद में चर्चा किए जाने का भरोसा भी दिलाया था. इसी के बाद उन्होने अपना अनशन समाप्त कर लिया है. मालूम हो कि लम्बे अनशन के बाद उनकी हालत बिगड़ती देख तीन-चार दिन पहले पुलिस उनको गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल लेकर चली गई थी. इसी के बाद जंतर मंतर पर बैठे आक्रोशित छात्रों में बवाल कर दिया था और फिर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई छात्र घायल हुए और एक ही मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे देश में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहा. फिलहाल अब देखना है कि सरकार अपने वादों पर खरी उतरती है या नहीं.
सरकार ने दिया ये आश्वासन
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने लिखित भरोसा दिलाया है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी. यानी 20 जुलाई को संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई या FIR दर्ज नहीं होगी.
पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले 20 से अधिक छात्रों के परिवार को सरकार उचित मुआवजा देगी.
संसद में इस पूरे मुद्दे के साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की जवाबदेही तय करने को लेकर पूरे विस्तार से बहस यानी चर्चा होगी. ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
इस्तीफे पर नहीं मिला कोई भरोसा
सोनम वांगचुक ने शिक्षामंत्री के इस्तीफे पर कहा कि सरकार इसको लेकर कोई भरोसा नहीं दिया है कि कब इस्तीफा होगा. उन्होंने ये भी कहा कि उनके पास दो रास्ते थे, या तो वह कई और हफ्तों तक के लिए भूख हड़ताल जारी रखते जिससे उनकी जान जाने की सम्भावना थी या फिर अनशन ही खत्म करते. वह आगे बोले कि पिछले 2-3 हफ्तों से हजारों लोगों का कहना था कि अगर संघर्ष को आगे बढ़ाना है तो उनका जीवित रहना जरूरी है.
कल रात 1: बजे सोनम वांगचुक को जूस पिलाकर नड्डा जी ने व्रत तुड़वाया उधर मोदी जी ने रील बनाकर सारे कॉकरोच पर काला हिट डाल दिया
सोनम वांगचुक तो अब भाजपाई हो गए अब तेरा क्या होगा कॉकरोचों 🤣🤣🤣
मासूम छात्रों से निवेदन है घर लौट जाएं उपद्रवियों के साथ अपने भविष्य से खिलवाड़ ना करें pic.twitter.com/h5wGu9QJFI— आरती तिवारी 🔱🌿 हर हर महादेव 🙏🏻 11.11 (@Aarti8016) July 24, 2026