इस व्रत के प्रभाव के बारिश जरूर होगी. यह उपाय सुनने के बाद राजा वापस अपने राज्य में लौट आए और फिर चारों वर्णों के साथ मिलकर इस एकादशी का विधि पूर्वक व्रत किया

हे जगन्नाथ जी। आपके निद्रित हो जाने पर सम्पूर्ण विश्व निद्रित हो जाता है और आपके जाग जाने पर सम्पूर्ण विश्व तथा चराचर भी जाग्रत हो जाते हैं।

इस दिन कष्टों से मुक्ति के लिए पक्षियों को दाना डालें. इसके अलावा ऊँ श्री श्रीहरये नम:’ मंत्र का जाप करते हुए पूजा करें इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होंगे.

शालिग्राम भगवान विष्णु के दूसरे स्वरूप हैं और तुलसी को लक्ष्मी के समान माना जाता है. इनकी कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.

मान्यता है कि पौराणिक काल में जालंधर नाम के राक्षस ने इतना उत्पात मचाया था कि देवताओं और ऋषि-मुनियों का भी जीना मुश्किल हो गया था।