भगवान विष्णु के बौने रूप वामन अवतार की यह पूजा वाजपेय यज्ञ के समान फल देने वाली और सभी पापों को नष्ट करने वाली है.
इस व्रत के प्रभाव के बारिश जरूर होगी. यह उपाय सुनने के बाद राजा वापस अपने राज्य में लौट आए और फिर चारों वर्णों के साथ मिलकर इस एकादशी का विधि पूर्वक व्रत किया
हे जगन्नाथ जी। आपके निद्रित हो जाने पर सम्पूर्ण विश्व निद्रित हो जाता है और आपके जाग जाने पर सम्पूर्ण विश्व तथा चराचर भी जाग्रत हो जाते हैं।
Nirjala Ekadashi: इतने घंटे पानी न पीने का है विधान…जानें निर्जला एकादशी के व्रत का विधान; पढ़ें कथा
Nirjala Ekadashi: इतने घंटे पानी न पीने का है विधान…जानें निर्जला एकादशी के व्रत का विधान; पढ़ें कथा
जो पूरे साल की एकादशी का व्रत नहीं करते हैं लेकिन साल में एक बार निर्जला एकादशी का व्रत जरूर करते हैं.
एक राजा का पुत्र बहुत ही दुराचारी था। इस पर राजा ने दुखी होकर उसे घर से निकाल दिया।
इस पर भालू कुछ देर तक तो राजा का पैर चबाता रहा और फिर राजा को घसीटकर पास के जंगल में ले गया.
तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। अगर हो सके तो तुलसी जी की प्रतिदिन पूजा करें.
इस दिन कष्टों से मुक्ति के लिए पक्षियों को दाना डालें. इसके अलावा ऊँ श्री श्रीहरये नम:’ मंत्र का जाप करते हुए पूजा करें इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होंगे.
शालिग्राम भगवान विष्णु के दूसरे स्वरूप हैं और तुलसी को लक्ष्मी के समान माना जाता है. इनकी कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
मान्यता है कि पौराणिक काल में जालंधर नाम के राक्षस ने इतना उत्पात मचाया था कि देवताओं और ऋषि-मुनियों का भी जीना मुश्किल हो गया था।