Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी से बजने लगेंगी शहनाइयां…! जानें विवाह शुभ मुहूर्त व खरमास कब से कब तक?

October 29, 2025 by No Comments

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Devuthani Ekadashi 2025: हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी के तौर पर जाना जाता है. इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं. इस साल 1 नवंबर 2025 को देवउठनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इसी दिन से विवाह आदि मंगलकार्य शुरू हो जाएंगे. तो वहीं इसके अगले दिन तुलसी विवाह होगा. हालांकि कई लोग तुलसी विवाह कार्तिक पूर्णिमा को भी करते हैं.

दरअसल मान्यता के अनुसार एकादशी के बाद से लेकर पूर्णिमा तक तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है. मान्यता है कि देवउठनी एकादशी को भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं. उसके बाद मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाते हैं. आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि वैदिक पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि 1 नवंबर 2025 को सुबह 09: 11 मिनट से शुरू हो रही है.

आचार्य बताते हैं कि आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु शयन करने चले जाते हैं. सनातन मान्यता में कहा गया है कि भगवान विष्णु के शयन में जाने के कारण मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं और वह फिर चौमासा खत्म होने के बाद यानी कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को जगते हैं और फिर इसी दिन से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है. 11 जून को गुरु अस्त होने और 6 जुलाई से चातुर्मास लगने से जो मांगलिक कार्य बंद हो गए थे वो अब एक नवम्बर से शुरू हो सकेंगे.

इस तरह से 142 दिनों बाद फिर से शुभ काल लौटेगा और शहनाई बजेगी. इस बार नवंबर में 15 दिनों तक शुभ मुहूर्त हैं फिर 16 दिसंबर से मलमास की शुरुआत हो जाएगा जो कि 14 जनवरी 2026 तक चलेगा. तो वहीं 12 दिसंबर से शुक्र अस्त हो रहा है जो कि 1 फरवरी 2026 को उदय होगा. इसी के बाद मांगलिक कार्य हो सकेंगे.

तो वहीं इस दौरान 51 दिनों तक विवाह और अन्य मंगल कार्य नहीं हो सकेंगे. इसी बीच 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी का अबूझ मुहूर्त होगा. इस दिन बिना पंचांग देखकर भी विवाह वह शुभ कार्य किया जा सकता है. मान्यता है कि भगवान विष्ण के जाग्रत होने के बाद घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है.

तुलसी विवाह

आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि देवउठनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि पर तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है. इस बार यह तिथि 2 नवंबर को पड़ रही है. इस दिन सुबह 07:31 बजे से शुरू होकर 3 नवंबर को सुबह 05:07 बजे पर यह तिथि रहेगी.

इस दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी जी का विवाह कराया जाता है. मान्यता है कि तुलसी विवाह कराने से दांपत्य जीवन सुखमय होता है और सौभाग्य में वृद्धि होती है. हालांकि तुलसी विवाह का आयोजन पुर्णिमा तक किया जा सकता है.

नवंबर-दिसंबर विवाह मुहूर्त

नवंबर में 2, 3, 5, 8, 12, 13, 16, 17, 18, 21, 22, 23, 25, 30 तारीखों में विवाह हो सकेंगे तो वहीं
दिसंबर में 4, 5, 6 (कुछ पंचांग में भेद होने के कारण तिथि घट बढ़ सकती है और परिवर्तन हो सकता है.)

खरमास में नहीं होंगे मांगलिक कार्यक्रम

बता दें कि इस बार 16 दिसंबर 2025 से खरमास शुरू हो रहा है जो 14 जनवरी 2026 तक चलेगा. मान्यता है कि खरमास के दौरान विवाह आदि मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है. इसके बाद फरवरी और मार्च माह में फिर विवाह के लिए शुभ मुहूर्त शुरू होंगे.

फरवरी और मार्च 2026 में विवाह की तारीखें

खरमास के समाप्त होने के बाद फरवरी 2026 में 16 दिन विवाह के लिए उपयुक्त बताए जा रहे हैं.

आचार्य के मुताबिक, फरवरी में 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 13, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 को लग्न का मुहूर्त है. तो दूसरी ओर मार्च में 11 मुहूर्त होंगे. यानी 2, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 मार्च को शुभ लग्न मुहूर्त है. 14 मार्च के बाद फिर से मांगलिक कार्य होलाष्टक की वजह से बंद हो जाएंगे.

DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।

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