सभी संगठनों ने बयान को ‘संविधान का अपमान’ और ‘सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाला’ बताया।
जब तक कि मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे संबंध नहीं बना दे.
उन्हें अच्छे लोग नहीं मिलते और वे मुझे इसलिए पसंद नहीं करते क्योंकि मैं सच बोलती हूं.
इस पर भालू कुछ देर तक तो राजा का पैर चबाता रहा और फिर राजा को घसीटकर पास के जंगल में ले गया.
उनके इस बयान का कांग्रेस ने विरोध किया है तो वहीं तो वहीं उनकी खुद की पार्टी यानी भाजपा ने उनके इस बयान से किनारा कर लिया है.
बैठक में सरोज दुबे को कार्यकारिणी गठन करने का अधिकार भी दिया गया है.
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