असली अपराधी होता है, पुलिस उससे इस तरह से बात नहीं कर पाती और निर्दोष लोगों को परेशान करती है.
जीवन में भाई-बहन का साथ कभी न छूटे
चाहे जमाना या जग रूठे
इस विधि से ये विशेष रक्षासूत्र बांधने से भाई के साथ ही घर-परिवार को बुरी नजर नहीं लगती और भाई या फिर जो भी ये रक्षासूत्र बांधता है, वह हमेशा स्वस्थ्य रहता है और दीर्घायु होता है.
भद्रा को लेकर आचार्य कमलकांत कुलकर्णी ने कहा कि इस साल 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से मध्य रात्रि 1 बजकर 52 मिनट पर भद्रा समाप्त हो रही है.
इसकी वजह से ही उनका मन इस कदर टूट गया कि उन्होंने गांव ही छोड़ दिया.