Rakshabandhan: भाई की दीर्घायु के लिए…रक्षाबंधन पर इस तरह का बाधें विशेष रक्षासूत्र; पढ़ें ये मंत्र
Rakshabandhan: हर साल सावन यानी श्रावण मास की पूर्णिमा पर भाई-बहन के पवित्र प्रेम को दर्शाने वाला त्योहार रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया जाता है. यह त्योहार हिंदुओं के साथ ही हर धर्म में प्रचलित है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांध कर उसकी दीर्घायु की कामना करती हैं.ये त्योहार होली-दीपावली जैसे त्योहारों की तरह ही हिंदू समाज में मनाया जाता है. इस बार रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जाएगा.
ज्योतिषाचार्य विनोद कुमार मिश्र पुराणों के आधार पर बताते हैं कि भाई को रक्षासूत्र बांधते वक्त अगर भविष्यपुराण में दिया गया श्लोक पढ़ें तो अशुभ कार्यों के साथ ही सम्पूर्ण रोगों का भी नाश होता है क्योंकि रक्षासूत्र सम्पूर्ण रोगों का नाश करता है और पूरे साल उस व्यक्ति की रक्षा होती है, जो रक्षासूत्र बांधता है.
जानें क्या कहता है भविष्य पुराण?
“सर्वरोगोपशमनं सर्वाशुभविनाशनम् ।
सकृत्कृते नाब्दमेकं येन रक्षा कृता भवेत् ।।”
अर्थात इस पर्व पर धारण किया हुआ रक्षासूत्र सम्पूर्ण रोगों तथा अशुभ कार्यों का विनाशक है। इसे वर्ष में एक बार धारण करने से वर्षभर मनुष्य की रक्षा होती हैं।
रक्षा सूत्र बनाएं इस तरह
विशेष रक्षासूत्र बनाने के लिए 5 वस्तुओं की आवश्यकता होती है …
(1) दूर्वा (घास) (2) अक्षत (चावल) (3) केसर (4) चन्दन (5) सरसों के दाने
आचार्य विनोद कुमार मिश्र ने आगे बताया कि इन सभी 5 वस्तुओं को रेशम के कपड़े में रखकर बांध दें या फिर सिलाई कर दें. इसके बाद उसे कलावा में पिरो दें. इस प्रकार राखी तैयार कर लें और फिर इन पांच वस्तुओं से बनी हुई एक राखी को बहनें अपने भाई के साथ ही माता-पिता अपने बच्चों को, दादी अपने पोते को शुभ संकल्प करके बांधे और ये रक्षासूत्र बांधते वक्त नीचे दिया गया श्लोक बोलें-
“येन बद्धो बलि राजा,दानवेन्द्रो महाबल।
तेन त्वाम प्रतिबध्नामि,रक्षे माचल माचल।।”
मान्यता है कि इस विधि से ये विशेष रक्षासूत्र बांधने से भाई के साथ ही घर-परिवार को बुरी नजर नहीं लगती और भाई या फिर जो भी ये रक्षासूत्र बांधता है, वह हमेशा स्वस्थ्य रहता है और दीर्घायु होता है.
DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)
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