अभ्यंगं कुर्वे प्रात: नरकप्राप्तये सदा।
दामोदरप्रीतये च स्नानं में भवतु सिद्धिदम्।।
धनतेरस का ये खुशियों भरा त्योहार,
जीवन में लाएं सुख-समृद्धि अपार।
घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाएं. बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें साथ ही दिए में थोड़ी सी केसर भी डाल दें.
इस दिन नए सामानों या फिर सोने-चांदी की खरीदारी करने से पूरे साल माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी.
भगवान धन्वंतरि स्वास्थ्य के देवता माने गए हैं. उनकी आराधना से परिवार के सदस्यों को निरोगी जीवन और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
संध्या के समय माताएं कथा सुनती हैं फिर तारों को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण करती हैं।
कई दिनों के रखे हुए खोए को गरम कर उसे ताजा बनकर बेच दिया जाता है.
माताएं अपनी संतान की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत करती हैं और रात में तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करती हैं।
गुरु पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों के समूह का राजा कहा जाता है।