राधा अष्टमी पर मोरपंख घर ला सकते हैं. ये तो सभी जानते हैं कि भगवान कृष्ण के श्रृंगार में मोरपंख का विशेष स्थान माना गया है।

वह प्रतिदिन वृंदावन में अपने निवास स्थान से तड़के 2 बजे पदयात्रा करते हुए नंगे पांव श्री हित राधा केली कुंज जाते हैं.

वृंदावन में श्री हरिवंश महाप्रभु के हितोत्सव के आयोजन के चलते परिक्रमा मार्ग पर टेंट और ट्रस लगाए गए थे।