Pitru Paksha: पितृपक्ष के दौरान तिथि के अनुसार करें दान…पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए करें ये काम-Video

September 12, 2025 by No Comments

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Pitru Paksha: सनातन यानी हिंदू धर्म में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक पितृपक्ष कहलाता है. इस दौरान हिंदू समाज अपने मृतक पितरों को याद करता है और उनके सम्मान में तर्पण व पिण्डदान करता है. इसे श्राद्ध कर्म और महालय व कनागत भी कहते हैं.

इस बार पितृपक्ष 8 सितम्बर प्रतिपदा से शुरू हो चुके हैं और अभी जारी हैं. आज हालांकि पूर्णिमा का श्राद्ध 7 सितम्बर को किया गया. ज्योतिष सलाहकार अनुराग दीक्षित बताते हैं कि पूर्णिमा के दिन हम अपने पितरों को निमंत्रण देते हैं कि वह आएं और हम जो भी उनके लिए जल आदि का दान करते हैं, उसे स्वीकार करें और हमें आशीर्वाद दें. मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर धरती पर आते हैं और अपने-अपने परिवार में जाते हैं. अगर उनका सम्मान किया जाता है तो वे प्रसन्न होकर आशीर्वाद देकर अपने लोक को वापस लौटते हैं, इससे आपके घर-परिवार पर पीढ़ी-दर पीढ़ी सुख-समृद्धि बनी रहती है.

किस दिन क्या चीज करें दान

ज्योतिष सलाहकार अनुराग दीक्षित बताते हैं कि हमारे शास्त्रों में प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक क्या दान करना चाहिए, इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई है. प्रतिपदा पर अन्न और फल का दान करें.

द्वितीया पर दूध, दही और घी का दान करें.

तृतीया तिथि पर वस्त्र का दान करें.

चतुर्थी तिथि पर तिल, तेल आदि का दान करें.

पंचमी तिथि पर अन्न, स्वर्ण का दान करें.

षष्ठी तिथि पर हरी सब्जियां, मूंग की दाल का दान करें.

सप्तमी तिथि पर जौ और गुड़ का दान करें.

अष्टमी तिथि पर अन्न से बनी खिचड़ी का दान करें.

नवमी तिथि पर चप्पल और छाता का दान करें.

दशमी तिथि पर धार्मिक ग्रंथ व पुस्तक का दान करें.

एकादशी पर भी धार्मिक पुस्तक व ग्रंथ का दान करें.

द्वादशी के दिन नमक, मसाले का दान करें.

त्रयोदशी पर कम्बल व चादर का दान करें.

चतुर्दशी तिथि पर दीप दान या तेल व घी का दान करेंय.

अमावस्या तिथि पर सीधा निकालने की बात शास्त्रों में कही गई है. सीधा में आटा, दाल चावल, मसाले, तेल आदि निकाल सकते हैं. जो सक्षम नहीं हैं तो उनके लिए कहा गया है कि दान से बड़ा दानी होता है. अगर आप अच्छे भाव से एक रोटी का भी दान कर सकते हैं या जल-तिल का दान भी करते हैं तो वही सबसे बड़ा दान है. बस आपका भाव शुद्ध होना चाहिए. उससे आपके संकट दूर होंगे.

पितृ दोष दूर करने के लिए करें ये उपाय

ज्योतिष सलाहकार अनुराग दीक्षित बताते हैं कि अगर आपके जीवन में किसी तरह की समस्या चल रही हो लेकिन अगर आप पितृपक्ष के दौरान पितरों के लिए दान या श्राद्ध करते हैं तो पितरों का आशीर्वाद मिलता है, इससे आपके जीवन की समस्या खत्म होती हैं और घर में खुशहाली आती है. इसलिए 15 दिनों तक पितरों के लिए तर्पण और दान करने के बाद अमावस्या पर विदा करें. वह बताते हैं कि अगर आपकी कुंडली में पितृदोष है तो आपके जीवन में समस्यां आती रहेंगी और ये पितृदोष पूरे परिवार पर होता है व पीढ़ी दर पीढ़ी चलता है. इसलिए इसे दूर करना जरूरी होता है. वास्तु के मुताबिक अगर आपके घर में उत्तर और दक्षिण के कोने में टॉयलेट बना है तो कुंडली में पितृदोष अवश्य होगी. इसलिए इसे सही कराएं और उस जगह से हटाकर दूसरी जगह बनवा लें. इससे पितृदोष खत्म होता है.

पितृपक्ष के बारे में बहुत कुछ जानने के लिए नीचे दिए वीडियो को देखें पूरा

DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)

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